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“तीन साल तक प्राकृतिक खेती करने वाले किसान को मिलेगी सब्सिडी”

Rajesh Pandey
Last updated: July 19, 2024 5:14 pm
Rajesh Pandey
2 years ago
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Farmers of the country should do natural farming on a part of their land, farmers doing natural farming for three years will get subsidy: Chouhan 
Natural farming will increase the yield of the fields without using chemicals and fertilizers
 प्राकृतिक खेती से बिना कैमिकल और बिना फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किए बढ़ेगी खेतों की पैदावार: चौहान

लखनऊ। न्यूज लाइव ब्यूरो

राजधानी लखनऊ में “प्राकृतिक खेती के विज्ञान पर क्षेत्रीय परामर्श कार्यक्रम” में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि आने वाले समय में किसान रसायनमुक्त खेती करें, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ रहे।

Contents
Farmers of the country should do natural farming on a part of their land, farmers doing natural farming for three years will get subsidy: Chouhan Natural farming will increase the yield of the fields without using chemicals and fertilizers प्राकृतिक खेती से बिना कैमिकल और बिना फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किए बढ़ेगी खेतों की पैदावार: चौहान

प्राकृतिक खेती से उगाए उत्पादों के डेढ़ गुना ज्यादा दाम मिलेंगे

उन्होंने देश के किसानों का आह्वान किया कि वो अपने खेत के एक हिस्से पर प्राकृतिक खेती करें। सिंह ने कहा कि शुरुआती तीन साल में जब किसान प्राकृतिक खेती करेंगे तो पैदावार कम होगी और ऐसी स्थिति में सरकार किसानों को सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उगाए हुए अनाजों, फलों और सब्जियों की बिक्री से किसानों को डेढ़ गुना ज्यादा दाम मिल जाएंगे।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि देश के कृषि विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक खेती के अध्ययन व खोज के लिए प्रयोगशालाओं को स्थापित किया जाएगा, जिनकी मदद से देश में प्राकृतिक खेती को मदद मिलेगी और अन्न के भंडार भी भरेंगे।

एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक किया जाएगा

सिंह ने कहा कि देश के एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि वे देश के हर कोने में जाकर इसका प्रचार कर सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सभी हितधारकों से परामर्श करके प्राकृतिक खेती के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएगी।

प्राकृतिक खेती और जैविक खेती दोनों अलग-अलग (Natural farming and Organic farming are two different things)

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक खेती और जैविक खेती दो अलग-अलग चीजें हैं, और इस अंतर को समझना जरूरी है। उन्होंने प्राकृतिक खेती के फायदों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में पानी की कम जरूरत होती है और यह किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि अब सरकार प्राकृतिक खेती के महत्व को समझ गई है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सभी छह कृषि विश्वविद्यालयों को प्रमाणन प्रयोगशालाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में चार कृषि विश्वविद्यालय, 89 कृषि विज्ञान केंद्र और दो केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं।

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TAGGED:Difference between Natural farming and Organic farmingGujarat Governor Acharya Devvratscience of natural farmingUnion Minister for Agriculture and Farmers’ Welfare
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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