
Faculty Development Program: देहरादून: ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, देहरादून के प्रबंधन अध्ययन विभाग के पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का समापन हो गया। यह कार्यक्रम भारतीय विश्वविद्यालय संघ – शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विकास केंद्र (एआईयू – एएडीसी) के सहयोग से आयोजित किया गया। यह शोध कार्य में डिजिटल उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने और अकादमिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने पर केंद्रित था।
Faculty Development Program के अंतिम दिन की शुरुआत “गुणात्मक शोध में मैक्सक्यूडीए और ऑरेंज सॉफ्टवेयर का उपयोग” विषय पर एक विशेष सत्र से हुई। सत्र का संचालन डॉ. अजय कुमार चौहान, संस्थापक, सिक्स्थक्यू रिसर्च और शोध उपकरणों के विशेषज्ञ ने किया।
डॉ. चौहान ने मैक्सक्यूडीए सॉफ्टवेयर के माध्यम से कोडिंग, प्रतिलिपिकरण (ट्रांसक्रिप्शन) और दृश्य विश्लेषण (विजुअल एनालिसिस) की क्षमताओं का सजीव प्रदर्शन किया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों की गुणात्मक और मिश्रित पद्धति (मिक्स्ड मैथड) आधारित शोध में तकनीकी दक्षता बढ़ाना था।
समापन समारोह का शुभारंभ सोनाली डानिया ने किया। समारोह में कुलपति प्रो. डॉ. नरपिंदर सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. नवनीत रावत, और डॉ. अशुलेखा गुप्ता ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
समारोह की मुख्य वक्ता डॉ. कनुधा शारदा, संपादक, सेल प्रेस एल्सवियर ने “गुणवत्तापूर्ण शोध लेख कैसे प्रकाशित करें” विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन की प्रक्रिया, संपादकीय अपेक्षाएं तथा शोध की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए मूल्यवान सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर उन्होंने इस शिक्षाप्रद यात्रा पर विचार और अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। प्रतिभागियों ने भविष्य में अपने शोध कार्यों में डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने की प्रतिबद्धता जताई, जो नवाचार, सहयोग और व्यवहारिक अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ावा देगा।













