Doiwala Jakhan River Flood: तीसरी रात भी आपदाग्रस्त इलाके में फंसे हैं दंपति, परिवार के लोगों ने जानजोखिम में डालकर पहुंचाया राशन और जरूरी सामान

Rajesh Pandey

Doiwala Jakhan River Flood: डोईवाला, 17 सितम्बर, 2025: देहरादून जिले के सिंधवाल गांव अंतर्गत सेबूवाला गांव में जाखन नदी की बाढ़ से भारी नुकसान पहुंचा। सोमवार रात आपदा में मकान ध्वस्त होने के बाद से किसान देवेंद्र मनवाल और उनकी पत्नी गीता मनवाल लगातार तीसरी रात भी अपने मवेशियों के साथ बाढ़ वाले इलाके में फंसे हैं। दोनों सुरक्षित बताए जाते हैं। परिवार के सदस्यों ने 12 घंटे की अथक मेहनत और जान जोखिम में डालकर उन तक खाने पीने का सामान और जरूरी सामग्रियां उन तक पहुंचाईं।

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बुधवार देर रात घर पहुंचे रानीपोखरी में रह रहे मनवाल परिवार के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता दीपक तोमर ने बताया कि सुबह दस बजे उनके साथ दीवान सिंह तोमर, मेहर सिंह मनवाल, अंकित, अरविंद तोमर, बीडीसी मेंबर जगमोहन पुंडीर सहित अन्य लोग सेबूवाला गांव के सुरक्षित हिस्से तक पहुंचे। भोगपुर-थानो मार्ग से सनगांव और कंडोली तक जाने वाला रास्ता जाखन में बाढ़ से तहस नहस हो गया है। जोखिम उठाकर सभी लोग किसी तरह पैदल ही कंडोली तक और फिर वहां से सेबूवाला के ढलान वाले रास्ते पर उतरे। तीसरे दिन बुधवार तक जाखन में पानी पहले से कम हो चुका था, फिर भी नदी को पार करने में बड़ा जोखिम है।

सेबूवाला में आपदाग्रस्त क्षेत्र में फंसे दंपति को राहत सामग्री पहुंचाई गई। फोटोः साभार- दीपक तोमर

उन्होंने बताया, सुरक्षित स्थान पर जाकर युवा रस्सियों के सहारे ध्वस्त घर के पास सुरक्षित बचे गोशाला वाले कमरे में रह रहे देवेंद्र और गीता के पास पहुंच गए। उन्होंने आपदाग्रस्त इलाके में फंसे दंपति तक खाने पीने का सामान और मोमबत्ती, माचिस, मोबाइल फोन रीचार्ज करने के लिए पावर बैंक सहित जरूरी सामग्री पहुंचाई।

मंगलवार रात से बैटरी नहीं होने के कारण उनका फोन स्विच ऑफ था। देवेंद्र का कहना है, देवेंद्र अपने पशुओं को अकेला नहीं छोड़ सकते। भैंस एक दो दिन में ब्याहने वाली है। हर किसान के लिए उसके पशु महत्वपूर्ण होते हैं। वो फोन के जरिये लगातार देवेंद्र के संपर्क में हैं।

सेबूवाला में आपदा से ध्वस्त मकान का फोटोः साभार- दीपक तोमर

दीपक बताते हैं, कल गुरुवार को फिर सेबूवाला गांव जाएंगे। हम तब तक वहां जाते रहेंगे, जब तक कि देवेंद्र और गीता अपने पशुओं के साथ आपदा ग्रस्त इलाके से सुरक्षित बाहर नहीं निकल जाते। उनके अनुसार, अनुमान है कि परिवार की लगभग 15 बीघा कृषि भूमि जाखन नदी में तबाह हो गए। उनका 17 कमरों का मकान तो ऊपर से आए मलबे और नदी के बहाव से पहले ही ध्वस्त हो चुका है।

अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं- 8191900343 (दीपक तोमर)

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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