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अब एक क्लिक पर मिलेगी 75 सेवाएंः मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ”अपणि सरकार” एवं उन्नति पोर्टल का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अपणि सरकार पोर्टल के जरिए अब एक क्लिक पर नौ विभागों की 75 सेवाओं का लाभ ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से, जिन लोगों ने अपने प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई, उनसे बात भी की और सुझाव भी लिए।
उन्नति पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे। शासन स्तर पर मुख्य सचिव एवं विभागीय सचिव तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारियों तक डैशबोर्ड बनाया गया है।
आईआरडीटी सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह में सीएम ने कहा, सुशासन की दिशा में यह बड़ा प्रयास है। इस पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सहित कुल 75 सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकेंगे। प्रदेशवासियों को वो सेवाएं घर बैठे मिल सकेंगी, जिनके लिए उन्हें ऑफिसों के चक्कर काटने पड़ते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन ऑनलाइन सेवाओं के शुरू होने से लोगों को आवश्यक प्रमाण पत्र सुगमता से प्राप्त होंगे। समय और खर्चे की भी बचत होगी। सभी प्रमाणपत्र डिजी लॉकर में एकीकृत एवं संग्रहित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत की एक अलग पहचान बनी है।
मुख्यमंत्री से वर्चुअल बातचीत में कमला राणा ने सुझाव दिया कि जन समस्याओं की त्वरित समाधान और प्रमाण पत्रों के लिए ग्राम सभाओं में कैंप लगाने चाहिए।
टिहरी के प्रणव रावत ने सुझाव दिए कि ऑनलाइन माध्यम से दी जाने वाली सुविधाएं प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे, इसके लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से पिथौरागढ़ की निशा, हरिद्वार की उपासना सिंह से भी बातचीत की।
मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा ने कहा कि विभागों में समन्वय के लिए भी ये पोर्टल बहुत कारगर साबित होंगे। उन्नति पोर्टल के माध्यम से सभी विभागों की परियोजना, उसकी निगरानी एवं वर्तमान परियोजना की स्थिति प्राप्त की जा सकती है।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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