सिमटना

Rajesh Pandey

उमेश राय

देखता हूँ आजकल,
सब कुछ सिमटा – सा है…
आदमी खुद में सिमटता हुआ,
घर, परिवार, समाज, राज्य, मानवता सिमटने की तरफ बढ़ते जा रहे…

संवेदना,सोच,सीमाएं संकुचित हो रहीं हैं लगातार…
इंसान कितना अकेला हो गया है !
कि खुद से भी मिलने का नहीं है वक्त उसके पास.
ये आपाधापी,भागते लोग,अनेक मुद्रा-निद्रा में रत…

पहचान कठिन हो गयी है ,
अंतस इतनी मलिन हो गयी है …

कर्म में बौनापन बढ़ता जा रहा,
अपनापन कहाँ,दिखावा छलता जा रहा…
‘सम्बन्ध’ में ‘सम’ नहीं है,
वर्गीकृत व विभक्त पहचान में जी रहे हैं लोग…

श्रद्धा नहीं,स्पर्धा में जीवन का आयाम लड़खड़ाता है,
स्पर्धा में स्नेहिल स्पर्श नहीं है मित्र!
द्वेष में कुछ भी सरस-शेष नहीं होता.
एक भीमकाय दुनियां में भटकाव है, छलाव है…
लगाव नहीं, अलगाव है…

मैं सिमटने नहीं, मिटने का आदमी हूँ,
प्रेम, संवेदना, करूणा के धरातल पर.
अगर, सिमटना ही है तो मुझे माँ की गोद में सिमटने दो…

बिना कहे, कुछ सहज कहने दो.
सृजन का जन, यहाँ सिमटकर भी,
अपरिमित विस्तार पाता है,
आखिर, प्रेम, सद्भाव, करूणा से
बड़ा क्या है?….

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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