
Dialogue on Vision 2047: विकसित उत्तराखंड- विकसित भारत के लिए मुख्यमंत्री ने दिया ‘टीम उत्तराखंड’ का मंत्र
Dialogue on Vision 2047: देहरादून,23 जनवरी, 2026ः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ‘सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट’ में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डायलॉग ऑन विजन 2047 में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस दो दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप, वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एक ठोस, व्यावहारिक और समयबद्ध रणनीति तैयार करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का समग्र विकास तभी संभव है जब हम अपने संसाधनों और क्षमताओं के अनुरूप एक दीर्घकालिक दिशा तय करेंगे।
Dialogue on Vision 2047: मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत’ की अवधारणा को केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित न रखकर इसे मानव-केंद्रित, समावेशी और सतत बताया। उन्होंने कहा कि आज हम विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का रोडमैप बना रहे हैं। इसका अर्थ केवल योजनाएं और नीतियां बनाने या लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें ये भी देखना होगा कि हमारी योजनाओं और नीतियों से आम नागरिकों के जीवन में क्या बदलाव आएगा। इसके लिए हमें, किसानों की आय में वृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, महिलाओं के लिए समान अवसर जैसे मानकों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की वास्तविक कसौटी तय करेगी।
Dialogue on Vision 2047: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ‘सोलो प्लेयर’ की मानसिकता त्यागकर ‘टीम उत्तराखंड’ के रूप में एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी अपनी सेवा के शुरुआती क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दें और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जैसे कार्यक्रमों का प्रभावी उपयोग करें। साथ ही, उन्होंने ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों को दूरस्थ सीमांत गांवों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता केवल बजट खर्च करने से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक ‘आउटकम’ और नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से मापी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा प्रत्येक निर्णय आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगा।इस अवसर पर सेतु आयोग के CEO शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, नीति आयोग से प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. नीलम पटेल समेत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।













