सहस्रधारा हेलीपोर्ट से देहरादून-अल्मोड़ा हेली सेवा की शुरुआत

Rajesh Pandey

देहरादून। न्यूज लाइव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के सहस्रधारा हेलीपोर्ट पर हेलीकॉप्टर सेवा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की घोषणा भी की। अब यमुनोत्री, गौचर और जोशियाड़ा के लिए भी हवाई सेवा शुरू होगी।

अल्मोड़ा-देहरादून के बीच शुरू हुई हेली सेवा
अल्मोड़ा-देहरादून के बीच शुरू हुई नई हेली सेवा से पर्यटन, आर्थिकी और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इस सेवा से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचने में भी आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है और यह सेवा यहां आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाजनक होगी। जागेश्वर धाम, चितई गोल्ज्यू का स्थान, कटारमल सूर्य मंदिर ऐसे अनेक स्थान यहां हैं, जो लोगों की आस्था के केंद्र हैं। नंदा देवी मंदिर आदि प्रमुख स्थान भी अल्मोड़ा को विशेष बनाते हैं।

हेली सेवाओं का संचालन उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी के अन्तर्गत मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के तहत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्मोड़ा से वर्चुअल रूप से जुड़े यात्रियों से संवाद भी किया।

राज्य में हवाई सेवाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है और पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा-देहरादून की सेवा प्रारंभ होने से पहले ही राज्य में चिन्यालीसौड़, गौचर, मुनस्यारी, श्रीनगर, हल्द्वानी, पिथौरागढ़ की सेवाएं चल रही हैं। इन सेवाओं से निश्चित रूप से सभी को लाभ होगा।

नया यात्री टर्मिनल भवन

सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट पर नए यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण लगभग ₹2,482.96 लाख की लागत से किया गया है। इस भवन में एक साथ चार सौ यात्री बैठ सकते हैं।

हेली सेवा के बारे में

हेली सेवा सप्ताह में छह दिन चलेगी और एक यात्री के लिए किराया ₹4,989 होगा। इस यात्रा में लगभग पचपन मिनट का समय लगेगा।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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