चारधाम यात्राः स्थानीय लोगों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था खत्म करें, सीएम के निर्देश

Rajesh Pandey

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को यात्रा में दर्शन कराए जाएंगे। निर्देश दिए कि जिन श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए होटलों एवं होम स्टे में बुकिंग करा ली है, उनकी दर्शन के लिए भी व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालु चारधाम यात्रा के साथ ही अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर भी जाएं, इसके लिए पर्यटन, पुलिस एवं परिवहन विभाग विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाएं।

उन्होंने कहा कि #VocalForLocal को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रमोट किया जाए। जीएमवीएन में भी स्थानीय उत्पादों को रखा जाए। उन्होंने यात्रा मार्गों के पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों के रहने एवं सोने की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी यात्रा के लिए पुलिस भीड़ प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था करे और यात्रा मित्र के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों को रखा जाए।

यात्रा पर आने वाले वाहनों की फिटनेस का भी विशेष ध्यान रखा जाए और इसके लिए अन्य राज्यों से भी समन्वय किया जाए।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से जो भी आवश्यक जानकारी लेनी है, केवल एक बार राज्य के एन्ट्री प्वाइंट पर ली जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, एच.सी. सेमवाल, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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