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सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार को सांस्कृतिक दलों के ऑडिशन

देहरादून। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने गढ़वाल के टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार के सांस्कृतिक दलों का ऑडिशन लिया। ऑडिशन में 20 दलों ने सरकार की नीतियों एवं योजनाओं पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

16 सितंबर को चमोली, पौड़ी एवं रुद्रप्रयाग, 17 सितंबर को देहरादून जिले के रायपुर एवं विकासनगर ब्लाक तथा 18 सितंबर को चकराता, त्यूनी एवं कालसी ब्लाक के दलों का प्रस्तुतीकरण होगा।

इस अवसर पर सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान ने कहा कि चयनित दलों के दल नायकों के लिए विभाग शीघ्र ही कार्यक्रम आयोजित करेगा। इनको सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं, नीतियों एवं उपलब्धियों पर आधारित स्क्रिप्ट दी जाएंगी, ताकि अक्टूबर से प्रदेश में जन जागरूकता अभियान चलाया जा सके। ये दल स्थानीय बोली में भी कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

निर्णायक मंडल में महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, अपर निदेशक डॉ. अनिल चन्दोला, संयुक्त निदेशक केएस.चौहान, विख्यात लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी, नरेन्द्र शर्मा, भारतखंडे संगीत महाविद्यालय, डॉ. संतोष आशीष, सहायक निदेशक पीआईबी, अनिल भारती आदि उपस्थित रहे।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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