
Anna Chakra Franz Edelmann Award 2026: नई दिल्ली, 23 जनवरी, 2026ः भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। विभाग की नवाचारी पहल ‘अन्न चक्र‘ को दुनिया के प्रतिष्ठित ‘फ्रांज एडेलमैन पुरस्कार 2026’ के लिए छह शीर्ष फाइनलिस्टों में चुना गया है। खास बात यह है कि इस रेस में भारत का मुकाबला गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और NVIDIA जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों के साथ है।
2026 के फ्रांज़ एडेलमैन पुरस्कार के विजेता की घोषणा 12-14 अप्रैल, 2026 को नेशनल हार्बर, मैरीलैंड, यूएसए में INFORMS एनालिटिक्स+ कॉन्फ्रेंस में की जाएगी।
क्या है फ्रांज एडेलमैन पुरस्कार?
Anna Chakra Franz Edelmann Award 2026: इस पुरस्कार को दुनिया भर में “ऑपरेशंस रिसर्च और एनालिटिक्स का नोबेल पुरस्कार” माना जाता है। यह उन कार्यों को दिया जाता है जो डेटा और वैज्ञानिक विधियों का उपयोग करके समाज या व्यवस्था में बड़े बदलाव लाते हैं।
‘अन्न चक्र’ की सफलता की कहानी
Anna Chakra Franz Edelmann Award 2026: ‘अन्न चक्र’ एक ऐसा आधुनिक डिजिटल समाधान है जिसे IIT दिल्ली और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के सहयोग से तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लॉजिस्टिक्स और अनाज की आवाजाही को वैज्ञानिक तरीके से सुगम बनाना है।
इस पहल के शानदार परिणाम:
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आर्थिक बचत: अनाज की ढुलाई के रूट बेहतर होने से हर साल लगभग ₹250 करोड़ की बचत हो रही है।
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पर्यावरण संरक्षण: परिवहन व्यवस्था सुधरने से कार्बन उत्सर्जन में 35% की कमी आई है।
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लाभार्थियों को फायदा: इससे देश के 81 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों तक अनाज की आपूर्ति अधिक कुशल और समयबद्ध हुई है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दिसंबर 2025 में ‘अन्न चक्र’ की शुरुआत की थी। इस महीने की शुरुआत में, “अन्न चक्र” परियोजना को भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद में CDSA ORSI एक्सीलेंस इन मैनेजमेंट साइंस एंड एनालिटिक्स प्रैक्टिस अवॉर्ड 2026 मिला – जो इस पहल के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को और मजबूत करता है।
विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि ‘अन्न चक्र’ यह साबित करता है कि वैज्ञानिक तरीकों से सरकारी प्रणालियों को कितना मजबूत बनाया जा सकता है। डब्ल्यूएफपी इंडिया और आईआईटी दिल्ली के साथ हमारी साझेदारी इस मुकाम को हासिल करने में बहुत मददगार रही है।












