किसी भी बच्चे को सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए मना किया तो खैर नहीं

Rajesh Pandey

देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सोमवार को सचिवालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय मूल्यांकन अनुश्रवण समिति की पहली समीक्षा बैठक की। उन्होंने देहरादून के ISBT क्षेत्र में भिक्षावृत्ति को खत्म कर उनके पुर्नवास के लिए विभाग को पायलट प्रोजेक्ट पर तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान राज्य में कुछ अनाथ, गरीब, भिक्षावृत्ति में लिप्त, जरूरतमंद एवं प्रवासी मजदूरो के बच्चों को जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि के न होने के कारण स्कूलों द्वारा दाखिला न दिए जाने के मामले संज्ञान में आए।

शिक्षा के मुद्दे को अत्यन्त संवेदशीलता से लेते हुए मुख्य सचिव ने अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरू को इस सम्बन्ध में नोडल अफसर बनाया और किसी भी बच्चे को किसी भी कारण से सरकारी स्कूल में दाखिले से मना करने वाले प्रधानाचार्य या शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम,राधिका झा, एचसी सेमवाल, अपर सचिव रंजना राजगुरू तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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