Dehradun pulse production target 2030-31: देहरादून में दलहन का रकबा बढ़ाने पर जोरः “किसानों को गन्ने की पंक्तियों के बीच खाली जगह में दालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें अधिकारी”

Rajesh Pandey
देहरादून जिले में थानो के पास एक गांव में घर के आंगन में धूप दिखाने के लिए रखी मिश्रित दाल। फोटो- newslive24x7.com
  • कृषि विभाग को वर्ष 2030-31 तक दलहन फसल की पैदावार तीन गुना करने का लक्ष्य
  • एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों की भूमि व फसल संबंधी जानकारी होगी डिजिटलःडीएम
  • उत्पादन और क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए माइक्रोप्लानिंग के तहत क्लस्टर चिन्हित करने के निर्देश

Dehradun pulse production target 2030-31: देहरादून 11 अगस्त,2026ः जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दलहनों में आत्मनिर्भरता और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीस्टैक योजना समीक्षा की।कलेक्ट्रेट में बैठक लेते हुए डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में अरहर, उड़द और मसूर के उत्पादन व क्षेत्रफल को बढ़ाने के लिए तुरंत माइक्रोप्लानिंग के तहत क्लस्टर चिन्हित किए जाएं।

यह भी पढ़ेंः Video- खाद्य सुरक्षा और पोषण की खेती है बारहनाजा, जड़धारी जी से जानिए

Dehradun pulse production target 2030-31: बैठक में जिलाधिकारी ने कृषि सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए किसानों व उनकी कृषि भूमि के आंकड़ों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत बीज वितरण, बीज उत्पादन और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर दलहन का रकबा बढ़ाया जाए।

डीएम के निर्देश-

  • दलहन उत्पादन को गति देने के लिए इंटर-क्रॉपिंग और बंजर भूमि को उपयोग में लाएं।
  • किसानों को गन्ने की पंक्तियों के बीच खाली पड़ी जगह में दालों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
  • जो कृषि भूमि बिना उपयोग के खाली छूटी है, उसे तैयार कर दलहन उत्पादन का क्षेत्रफल विस्तार किया जाए।
  • धान-गेहूं के पारंपरिक फसल चक्र के बीच दलहन को शामिल करें। इससे मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता भी बढ़ेगी और किसानों को अच्छे उत्पादन के साथ अधिक लाभ प्राप्त होगा।

Dehradun pulse production target 2030-31: मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा ने जनपद में दलहन उत्पादन के वर्तमान आंकड़ों और आगामी लक्ष्यों का विवरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि उड़द वर्तमान में 470 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 274 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है।

वर्ष 2030-31 तक इसका क्षेत्रफल बढ़ाकर 754 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 765 एमटी रखा गया है।

अरहर वर्तमान में 286 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 367 एमटी उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 457 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 686 एमटी तय किया गया है।

वहीं मसूर वर्तमान में 242 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 146 एमटी उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 427 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 453 एमटी निर्धारित किया गया है।

फसल वर्तमान क्षेत्रफल (हेक्टेयर)वर्तमान उत्पादन (मीट्रिक टन)लक्ष्य क्षेत्रफल 2030-31 (हेक्टेयर)लक्ष्य उत्पादन 2030-31 (मीट्रिक टन)
उड़द470274754765
अरहर286367457686
मसूर242146427453

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी सहित वर्चुअल माध्यम से अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *