हरिद्वार। हरिद्वार महाकुंभ 2021 के तहत मीडिया सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने करीब 120 करोड़ की लागत की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा की कुंभ पूरे विश्व की धरोहर है और यह 12 साल में एक बार आता है। ऐसे में कुंभ को लेकर लोगों में उत्साह तो जरूर था, लेकिन कोविड-19 को लेकर असमंजस बना था। इससे यहां के व्यापारी वर्ग से लेकर आमजन में चिंताएं थी।
इसी चिंता को देखते हुए हमारी सरकार ने कुंभ में आने जाने की अनावश्यक रोक टोक को खत्म कर किया है, लेकिन भारत सरकार द्वारा जारी कोविड-19 की गाइडलाइन को हर हाल में पूरा करना होगा।
उन्होंने कहा कि कुंभ पर हमारा पूरा फोकस है। इसे भव्य और दिव्य बनाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। यहां किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी।
अखाड़ा परिषदों से लेकर श्रद्धालुओं को कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुपालन के बारे में बताया गया है। कुम्भ मेले में आवागमन को बेहतर करने के लिए यहां यात्री वाहनों की संख्या में चार गुना तक का इजाफा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बने विकास प्राधिकरण के अस्तित्व को हमारी सरकार ने खत्म कर दिया है। सरकार ने कोविड-19 के दौरान काम करने वालों पर लगे मुकदमों को वापस ले लिया है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहाड़ में रेल का सपना पूरा कर दिया है। पहले लोग सड़क की मांग करते थे आज ट्रेन की बात हो रही है। उनके नेतृत्व में ही यह बदलाव संभव हो पाया है।
आने वाले दिनों में दिनों में यहां रोजगार की भी कोई कमी नहीं होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन पूरे विश्व में उनकी नेतृत्व क्षमता का लोहा माना जाता है। पूरे विश्व में उनके नेतृत्व की तारीफ की जाती है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द्र अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की।
यहां पर राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, जिला महामंत्री विकास तिवारी, मेला अधिष्ठान के अधिकारियों और श्री गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणी, उज्ज्वल पंडित सहित अन्य लोगों ने स्वागत किया।
इसके बाद श्रीगंगा सभा के आचार्य अमित शास्त्री ने मंत्रोउच्चारण के साथ मुख्यमंत्री रावत से मां गंगा की पूजा-अर्चना ओर आरती कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां गंगा से कुम्भ की सफलता और सभी के कल्याण की कामना की।
इसके बाद श्रीगंगा सभा कार्यालय में पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गंगाजलि, प्रसाद भेंट किया।
मुख्यमंत्री नीलधारा टापू स्थित मीडिया सेंटर पहुंचे। जहां उन्होंने कुम्भ के लिए कराए गए 12023.50 लाख रुपये की लागत से 36 कार्यों का लोकार्पण किया।
ये विकास योजनाएं इस प्रकार हैं-
1-लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए गए मायापुर स्कैप चैनल के ऊपर विश्व कल्याण आश्रम के सामने प्री-स्ट्रेस आरसीसी डबल लेन सेतु का निर्माण लागत 1229.26 लाख रुपए।
2-हरिद्वार में मायापुर स्कैप चैनल/गंगा नदी पर दक्षद्वीप एवं बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए बो-स्ट्रिंग स्टील गर्डर डबल लेन सेतु का निर्माण कार्य लागत 883.20 लाख रुपए।
3-जगजीतपुर में मातृ सदन के निकट मायापुर स्कैप चैनल के ऊपर 60 मीटर स्पान के बो-स्ट्रिंग डबल लेन सेतु का निर्माण कार्य लागत 806.09 लाख रुपए।
4-बस्ती राम पाठशाला के निकट बैरागी कैंप पार्किंग को कनखल से जोड़ने हेतु मायापुर स्कैप चैनल पर प्री-स्ट्रेस आरसीसी डबल लेन सेतु का निर्माण कार्य लागत 745.09 लाख रुपए।
5-महाकुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में बीएचईएल मध्य मार्ग से शिवालिक नगर एवं सिडकुल को जोड़ने वाले मार्ग के मध्य रानीपुर रो नदी पर 100 मीटर सेतु का निर्माण कार्य लागत 794.95 लाख रुपये।
6-हरिद्वार शहर में खड़खड़ी शमशान घाट की ओर जाने वाली सूखी नदी के ऊपर क्षतिग्रस्त काजवे का पुनः निर्माण लागत 69.76 लाख रुपये।
7-बहादराबाद एनएच-58 से सिडकुल फोर लेन मार्ग सुदृढ़ीकरण कार्य लागत 667.77 लाख रुपये।
8-बहादराबाद-धनपुरा-ईमलीखेड़ा-भगवानपुर-गागलहेड़ी मार्ग पर ग्राम धनौरी में नेशनल इंटर कालेज के समीप पुरानी गंगनहर पर ब्रिटिश शासन काल में निर्मित क्षतिग्रस्त सेतु के वैकल्पिक आरसीसी सेतु का निर्माण लागत 684.78 लाख रुपये।
9-हरिद्वार शहर में पुरानी दिल्ली नीति पास मार्ग के किमी 202 में सूखी नदी पर कम्पोजिट सेतु 48 मीटर का निर्माण लागत 285.55 लाख रुपये।
कुल निर्माण कार्यों की कुल लागतः 6166.45 लाख रुपये।
कुल निर्माण कार्यों की कुल लागतः 6166.45 लाख रुपये।
इनके अतिरिक्त सिंचाई विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान, पर्यटन विभाग,मेला अधिष्ठान एवं परिवहन विभाग के कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
Key Words:- Haridwar Mahakumbh 2021, Haridwar Kumbh Mela 2021, Irrigation Deparment of Uttarakhand’s works in Haridwar Kumbh 2021, Water Supply n Haridwar kumbh 2021, हरिद्वार कुंभ मेला 2021, हरिद्वार में कुंभ मेला कार्य
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हरिद्वार। हरिद्वार महाकुंभ 2021 के तहत मीडिया सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने करीब 120 करोड़ की लागत की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री रावत ने कहा की कुंभ पूरे विश्व की धरोहर है और यह 12 साल में एक बार आता है। ऐसे में कुंभ को लेकर लोगों में उत्साह तो जरूर था, लेकिन कोविड-19 को लेकर असमंजस बना था। इससे यहां के व्यापारी वर्ग से लेकर आमजन में चिंताएं थी।इसी चिंता को देखते हुए हमारी सरकार ने कुंभ में आने जाने की अनावश्यक रोक टोक को खत्म कर किया है, लेकिन भारत सरकार द्वारा जारी कोविड-19 की गाइडलाइन को हर हाल में पूरा करना होगा।उन्होंने कहा कि कुंभ पर हमारा पूरा फोकस है। इसे भव्य और दिव्य बनाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। यहां किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी।अखाड़ा परिषदों से लेकर श्रद्धालुओं को कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुपालन के बारे में बताया गया है। कुम्भ मेले में आवागमन को बेहतर करने के लिए यहां यात्री वाहनों की संख्या में चार गुना तक का इजाफा किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बने विकास प्राधिकरण के अस्तित्व को हमारी सरकार ने खत्म कर दिया है। सरकार ने कोविड-19 के दौरान काम करने वालों पर लगे मुकदमों को वापस ले लिया है।मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहाड़ में रेल का सपना पूरा कर दिया है। पहले लोग सड़क की मांग करते थे आज ट्रेन की बात हो रही है। उनके नेतृत्व में ही यह बदलाव संभव हो पाया है।आने वाले दिनों में दिनों में यहां रोजगार की भी कोई कमी नहीं होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन पूरे विश्व में उनकी नेतृत्व क्षमता का लोहा माना जाता है। पूरे विश्व में उनके नेतृत्व की तारीफ की जाती है।इससे पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द्र अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की।यहां पर राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, जिला महामंत्री विकास तिवारी, मेला अधिष्ठान के अधिकारियों और श्री गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणी, उज्ज्वल पंडित सहित अन्य लोगों ने स्वागत किया।इसके बाद श्रीगंगा सभा के आचार्य अमित शास्त्री ने मंत्रोउच्चारण के साथ मुख्यमंत्री रावत से मां गंगा की पूजा-अर्चना ओर आरती कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां गंगा से कुम्भ की सफलता और सभी के कल्याण की कामना की।इसके बाद श्रीगंगा सभा कार्यालय में पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गंगाजलि, प्रसाद भेंट किया।मुख्यमंत्री नीलधारा टापू स्थित मीडिया सेंटर पहुंचे। जहां उन्होंने कुम्भ के लिए कराए गए 12023.50 लाख रुपये की लागत से 36 कार्यों का लोकार्पण किया।ये विकास योजनाएं इस प्रकार हैं-1-लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए गए मायापुर स्कैप चैनल के ऊपर विश्व कल्याण आश्रम के सामने प्री-स्ट्रेस आरसीसी डबल लेन सेतु का निर्माण लागत 1229.26 लाख रुपए।2-हरिद्वार में मायापुर स्कैप चैनल/गंगा नदी पर दक्षद्वीप एवं बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए बो-स्ट्रिंग स्टील गर्डर डबल लेन सेतु का निर्माण कार्य लागत 883.20 लाख रुपए।3-जगजीतपुर में मातृ सदन के निकट मायापुर स्कैप चैनल के ऊपर 60 मीटर स्पान के बो-स्ट्रिंग डबल लेन सेतु का निर्माण कार्य लागत 806.09 लाख रुपए।4-बस्ती राम पाठशाला के निकट बैरागी कैंप पार्किंग को कनखल से जोड़ने हेतु मायापुर स्कैप चैनल पर प्री-स्ट्रेस आरसीसी डबल लेन सेतु का निर्माण कार्य लागत 745.09 लाख रुपए।5-महाकुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में बीएचईएल मध्य मार्ग से शिवालिक नगर एवं सिडकुल को जोड़ने वाले मार्ग के मध्य रानीपुर रो नदी पर 100 मीटर सेतु का निर्माण कार्य लागत 794.95 लाख रुपये।6-हरिद्वार शहर में खड़खड़ी शमशान घाट की ओर जाने वाली सूखी नदी के ऊपर क्षतिग्रस्त काजवे का पुनः निर्माण लागत 69.76 लाख रुपये।7-बहादराबाद एनएच-58 से सिडकुल फोर लेन मार्ग सुदृढ़ीकरण कार्य लागत 667.77 लाख रुपये।8-बहादराबाद-धनपुरा-ईमलीखेड़ा-भगवानपुर-गागलहेड़ी मार्ग पर ग्राम धनौरी में नेशनल इंटर कालेज के समीप पुरानी गंगनहर पर ब्रिटिश शासन काल में निर्मित क्षतिग्रस्त सेतु के वैकल्पिक आरसीसी सेतु का निर्माण लागत 684.78 लाख रुपये।9-हरिद्वार शहर में पुरानी दिल्ली नीति पास मार्ग के किमी 202 में सूखी नदी पर कम्पोजिट सेतु 48 मीटर का निर्माण लागत 285.55 लाख रुपये।
कुल निर्माण कार्यों की कुल लागतः 6166.45 लाख रुपये।इनके अतिरिक्त सिंचाई विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान, पर्यटन विभाग,मेला अधिष्ठान एवं परिवहन विभाग के कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।



