देहरादून, 11 अगस्त, 2026ः डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के धन्याड़ी गांव में जंगली हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल एक महिला की मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक घटना के विरोध में गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को देहरादून- थानो मार्ग जाम करके प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जंगली हाथी को 48 घंटे के भीतर रेस्क्यू कर अन्य सुरक्षित क्षेत्र में भेजने और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। वन विभाग के रेंजर ने कल दोपहर डीएफओ से ग्रामीणों की वार्ता कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा, डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी, बड़ासी ग्राम प्रधान राहुल मनवाल, हेमा पुरोहित, रेनू चुनारा, पाववाला सोडा ग्राम प्रधान करण रावत, नरेंद्र सोलंकी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ धन्याड़ी में मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही से लोगों में भय का माहौल है और वन विभाग समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है, जिस कारण एक महिला की जान चली गई।
परवादून जिला कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा, धन्याड़ी की घटना अत्यंत दुखद और वन विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। पहले भी इस जंगली हाथी ने कई लोगों को मारा है। ग्रामीण लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से परेशान हैं, लेकिन सरकार और वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर संबंधित जंगली हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित अन्य क्षेत्र में नहीं भेजा गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होगी।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा ने कहा, पीड़ित परिवार के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मृतका के परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी, पर्याप्त आर्थिक सहायता तथा प्रभावित क्षेत्र में स्थायी समाधान के लिए सोलर फेंसिंग और अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं।
डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी ने कहा, धन्याड़ी की घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद और चिंताजनक है। ग्रामीण लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से जूझ रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 48 घंटे के भीतर संबंधित हाथी को रेस्क्यू कर अन्य सुरक्षित क्षेत्र में भेजना चाहिए। साथ ही, प्रभावित गांवों में सोलर फेंसिंग, नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए।
बड़ासी ग्राम प्रधान राहुल मनवाल ने कहा, ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। एक परिवार ने अपना सदस्य खोया है और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा हाथियों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए स्थायी समाधान लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और वन विभाग ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीणों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने ये मांगें उठाईं:
- संबंधित जंगली हाथी को 48 घंटे के भीतर रेस्क्यू कर अन्य सुरक्षित क्षेत्र में भेजा जाए।
- पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- प्रभावित गांवों में सोलर फेंसिंग तत्काल लगाई जाए।
- हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी वन प्रबंधन योजना लागू की जाए।
- पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और त्वरित सहायता प्रदान की जाए।



