Google AMIE Video clinical consultations: नई दिल्ली: आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को लेकर एक ऐतिहासिक breakthrough देखने को मिला है। गूगल रिसर्च (Google Research) ने अपने एडवांस्ड मेडिकल AI सिस्टम AMIE (Articulate Medical Intelligence Explorer) के नए वीडियो कॉन्फ़िगरेशन—AMIE (Video) की घोषणा की है। यह नया AI मॉडल अब सिर्फ टेक्स्ट मैसेज में जवाब नहीं देगा, बल्कि मरीज से रियल-टाइम (सामने लाइव) वीडियो कॉल पर बातचीत कर सकेगा और विशेषज्ञों के स्तर की मेडिकल सलाह प्रदान कर सकेगा।
सिर्फ शब्दों से परे: वीडियो कंसल्टेशन की जरूरत क्यों पड़ी?
Google AMIE Video clinical consultations: जब कोई मरीज किसी डॉक्टर से व्यक्तिगत रूप से मिलता है, तो डॉक्टर सिर्फ मरीज की बातें नहीं सुनता। वह यह भी देखता है कि मरीज कैसे चल रहा है, उसके चेहरे पर दर्द या असहजता के क्या भाव हैं, सांस लेने की गति कैसी है, और वह मरीज को कुछ शुरुआती शारीरिक जांच (Physical Examination) करने के निर्देश भी देता है।
अब तक के टेक्स्ट-बेस्ड (चैट आधारित) AI सिस्टम्स में यह ऑडियो-विजुअल (देखने और सुनने की) क्षमता मौजूद नहीं थी। मरीजों को अपनी शारीरिक समस्याओं को लिखकर समझाना पड़ता था, जो कि कई बार कठिन होता था। गूगल के इस नए AMIE (Video) ने इस सीमा को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
कैसे काम करता है AMIE (Video)? (3-Agent Architecture)
Google AMIE Video clinical consultations: रियल-टाइम वीडियो कॉल पर सहज और सटीक बातचीत बनाए रखने के लिए गूगल ने इसे 3-एजेंट आर्किटेक्चर (Asynchronous Multi-Agent Architecture) पर तैयार किया है, जो गूगल के शक्तिशाली Gemini और Project Astra पर आधारित है। इसमें तीन अलग-अलग एजेंट एक साथ काम करते हैं:
टॉकर एजेंट (Talker Agent): यह सीधे मरीज से संवाद करता है। बिना किसी देरी के मरीज की बात सुनता है और प्राकृतिक भाषा में डॉक्टर की तरह जवाब देता है।
प्लानर एजेंट (Planner Agent): यह बैकग्राउंड में लगातार दिमाग लगाता है। यह मरीज के लक्षणों के आधार पर बीमारी का आकलन (Differential Diagnosis) करता है और इलाज की योजना बनाता है।
पर्सप्शन एजेंट (Perception Agent): यह वीडियो और ऑडियो स्ट्रीम को लाइव एनालिसिस करता है। मरीज के चेहरे के भाव, त्वचा के रंग में बदलाव, सांस की आवाज, और शारीरिक स्थिति को देखकर निष्कर्ष निकालता है।
रिसर्च और परीक्षण: डॉक्टरों से हुई सीधी तुलना
गूगल ने इस मॉडल का परीक्षण करने के लिए एक बड़ा OSCE (Objective Structured Clinical Examination) अध्ययन आयोजित किया:
इसमें 100 जटिल मेडिकल केस (जैसे हृदय, पेट, तंत्रिका तंत्र/न्यूरोलॉजी, कान-नाक-गला और हड्डियों से जुड़ी बीमारियां) शामिल किए गए।
15 प्रशिक्षित प्रोफेशनल पेशेंट एक्टर्स ने 300 लाइव वीडियो कंसल्टेशंस किए।
इसकी तुलना 30 बोर्ड-सर्टिफाइड प्राइमरी केयर फिजिशियन (PCPs) यानी असली डॉक्टरों से की गई।
20 अनुभवी स्वतंत्र डॉक्टरों की टीम ने परिणाम का निष्पक्ष मूल्यांकन किया।
परिणाम क्या रहे?
एक्सपर्ट लेवल परफॉर्मेंस: बीमारी का पता लगाने (Diagnostic Accuracy), केस हिस्ट्री लेने और इलाज का सुझाव देने में AMIE (Video) का प्रदर्शन असली डॉक्टरों के बिल्कुल बराबर पाया गया।
वर्चुअल एग्जामिनेशन में बढ़त: AMIE (Video) ने मरीजों को स्क्रीन के सामने रखकर बॉडी चेक-अप (जैसे हाथ-पैर हिलाकर दिखाना, सांस लेना) करवाने में डॉक्टरों से भी बेहतर और सक्रिय मार्गदर्शन किया।
मरीजों की पहली पसंद: पेशेंट एक्टर्स ने टेक्स्ट चैट के मुकाबले वीडियो कंसल्टेशन को बहुत आसान, सहानुभूतिपूर्ण और भरोसेमंद बताया।
चुनौतियाँ और भविष्य की राह
गूगल रिसर्च टीम का मानना है कि यह शोध अभी सिमुलेशन (नकली मरीज/एक्टर्स) पर आधारित था। असली अस्पतालों में वास्तविक मरीजों पर इसका परीक्षण किया जाना बाकी है। फिर भी, गूगल ने इसे वास्तविक दुनिया में उतारने के लिए Beth Israel Deaconess Medical Center और Included Health के साथ शुरुआती रिसर्च स्टडीज शुरू कर दी हैं।
संदर्भ / स्रोत (Source & Reference)
- यह लेख गूगल के आधिकारिक रिसर्च ब्लॉग पर 11 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट से लिया गया है।
- मूल लेख का शीर्षक: Advancing AMIE towards expert-level audio-visual clinical consultations
- लेखक: Anil Palepu – Senior Research Scientist & Mike Schaekermann – Research Lead, Google
- Source URL: Google Research Blog – Advancing AMIE



