खुद में बदलाव चाहते हैं तो जरूर पढ़ें ये दस बातें

Rajesh Pandey

प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु डॉ. वेन डयेर ने जीवन में बदलाव, स्वयं से प्रेम करने, संकल्पित रहने को लेकर कई कोट्स लिखे हैं। प्रस्तुत हैं उनके दस अहम कोट्स ,जो शायद जीवन में कुछ बदलाव लाने के लिए प्रेरित कर सकें।

उनका कहना था कि उन लोगों को माफ करना आपकी तरक्की के लिए जरूरी है, जिन्होंने गलत व्यवहार से आपको दुख पहुंचाया हो। क्योंकि उनके गलत व्यवहार को ध्यान में रखते हुए आप असंतोष, क्रोध औऱ घृणा से घिर जाएंगे, जो आपके विचारों को धीमा करने, आपकी ऊर्जा को कमजोर करने का काम करेंगे। आप इन नकारात्मक बातों को स्वयं पर हावी कर लेंगे। अगर आप गलत व्यवहार करने वालों को माफ कर देंगे तो आपको नकारात्मकता से मुक्ति मिल जाएगी और आप जीवन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। 

1.जुनून वह अहसास है, जो आपको बताता है कि यह करना सही बात है। मेरे रास्ते में कोई भी बाधा नहीं आ सकती। इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता है कि कोई क्या कहता है। यह अहसास इतना अच्छा है कि इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। मैं अपनी इच्छा के इस कार्य को करने जा रहा हूं, जो मुझे सकारात्मक बनाता है। जरूर पढ़ें– ये आठ बातें शायद आपका सपना पूरा कर दें

2.न केवल आप जो सोचते हैं, वैसे बन जाते हैं, बल्कि दुनिया भी वैसी हो जाती है, जैसा आप उसके बारे में सोचते हैं। जो लोग सोचते हैं कि दुनिया एक अंधेरी जगह है, वो उस प्रकाश को नहीं देख पाते, जो उनके जीवन को उज्ज्वल कर सकता है। जो लोग दुनिया में फैले प्रकाश को देखते हैं, वो डार्क स्पॉट में भी प्रकाश की संभावना तलाश लेते हैं।

3.आपको किसी और से बेहतर होने की ज़रूरत नहीं है, आपको सिर्फ बेहतर होने की आवश्यकता है।

4. जब आप स्वयं पर विश्वास करते हैं और अपनी आत्मा को दिव्य और अमूल्य पाते हैं। ऐसे में आप स्वयं को एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में परिवर्तित कर लेंगे, जो वास्तव में चमत्कारिक रचनाएं कर सकता है। 

5. स्वर्ग मन की स्थिति है, स्थान नहीं है। जरूर पढ़ें- भागो नहीं कुछ इस तरह करो सामना

6. हम क्या सोचते हैं और हमारे साथ होता क्या है। यदि हम अपनी ज़िंदगी बदलना चाहते हैं, तो हमें खुद को दिमागी तौर पर मजबूत करने की जरूरत है। 

7.जब आप एक संतरे को निचोड़ते हैं तो संतरे का रस ही बाहर निकलता है, क्योंकि उसके भीतर वही होता है। जब आप खुद का मंथन करते हैं तो वहीं बाहर आएगा, जो भीतर है। 

8.जीवन एक रिहर्सल है, के रूप में कार्य करना बंद करो। हर दिन को वैसे जीते रहें, जैसे कि यह आखिरी था। अतीत खत्म हो चुका है और चला गया है। भविष्य की गारंटी नहीं है। जरूर पढ़ें- पहल करके तो देखिए

9.आपकी प्रतिष्ठा दूसरों के हाथों में है। प्रतिष्ठा पर आप नियंत्रण नहीं कर सकते, केवल एक चीज जिसे आप नियंत्रित कर सकते हैं, वह आपका चरित्र है। 

10.जब मन शांत हो और किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए काम न करे, तो वह पूरे ब्रह्मांड में मौजूद किसी भी भौतिक बल से ज्यादा मजबूत होता है। 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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