By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: भागो नहीं कुछ इस तरह करो सामना
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Inspirational story > भागो नहीं कुछ इस तरह करो सामना
Inspirational story

भागो नहीं कुछ इस तरह करो सामना

Rajesh Pandey
Last updated: October 22, 2017 8:01 pm
Rajesh Pandey
9 years ago
Share
SHARE

मैं आपसे एक कहानी शेयर कर रहा हूं, जिसमें एक युवती जीवन की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करती है। एक तरफ उसके पिता हैं और दूसरी तरफ उससे शादी करने की जिद पर अड़ा बूढ़ा और बदसूरत साहूकार। युवती के पास केवल एक ही विकल्प है, जो उसका जीवन बचा सकता है। यह विकल्प ठीक उस लाटरी की तरह है, जिसमें किसी विजेता के नाम की पर्ची निकाली जाती है। यानि यह पूरी तरह किस्मत का खेल हो गया। युवती हिम्मत नहीं हारती और धोखेबाज साहूकार का पर्दाफाश करने का फैसला कर लेती है।

कहानी कुछ इस तरह है- इटली के एक शहर में एक छोटा व्यापारी रहता था। उसने अपने व्यवसाय को चलाने के लिए एक साहूकार से लोन लिया था। लोन चुकाने की स्थिति में नहीं होने की वजह से वह साहूकार के चंगुल में फंसता चला जा रहा था। उधर, साहूकार उसकी खूबसूरत बेटी से शादी करना चाहता था। एक दिन उसने व्यापारी के सामने यह प्रस्ताव रखा कि अगर वह उससे अपनी बेटी की शादी कर देता है तो बदले में वह उसका सारा लोन ब्याज सहित माफ कर देगा। इस प्रस्ताव पर व्यापारी और उसकी बेटी की चिंता बढ़ गई।

साहूकार ने व्यापारी से कहा कि मैं एक और प्रस्ताव तुम्हारे सामने रखता हूं। मैं एक बैग में काला और सफेद रंग के दो पत्थर रखूंगा। बैग में बिना देखे तुम्हारी बेटी को एक पत्थर निकालना होगा। अगर बैग से काला पत्थर निकला तो मैं तुम्हारा सारा लोन ब्याज सहित माफ कर दूंगा, लेकिन तुम्हें अपनी बेटी से मेरी शादी करानी होगी।

अगर तुम्हारी बेटी ने बैग से सफेद पत्थर निकाला तो तब भी तुम्हारा सारा लोन माफ कर दूंगा और तुम्हें मेरे से अपनी बेटी की शादी भी नहीं करानी पड़ेगी। पिता और पुत्री इस प्रस्ताव से विचलित हो गए। व्यापारी की बेटी के सामने इस प्रस्ताव को नहीं मानने का विकल्प था, लेकिन इससे उसके पिता का कर्ज माफ नहीं हो सकता था।

युवती ने इस समस्या का डटकर सामना करने का फैसला लिया। उसके पास दोनों विकल्प में अपने पिता का कर्ज माफ कराने का मौका तो था ही। प्रस्ताव मान लिया गया। साहूकार बैग लेकर व्यापारी के घर पहुंचा और उसके बागीचे से दो पत्थर उठाकर अपने बैग में डाल दिेए। व्यापारी की बेटी ने उसको बैग में पत्थर डालते हुए देख लिया था। ये दोनों पत्थर काले रंग के थे। व्यापारी की बेटी साहूकार की चाल को समझ गई। अब उसके पास साहूकार की करतूत का खुलासा करने का मौका था, लेकिन इससे उसके पिता का कर्ज माफ नहीं हो सकता था। इसलिए कुछ अलग करके समस्या से बाहर निकलने का प्लान बना लिया। उसने अलग हटकर कुछ सोचा।

उसने साहूकार के बैग में से एक पत्थर निकाला और उसको जमीन पर बिखरे अन्य पत्थरों में गिरा दिया। यह देखकर साहूकार और व्यापारी दोनों चौंक गए। व्यापारी की बेटी ने कहा- अरे गलती से मुझसे वह पत्थर गिर गया। साहूकार जी, क्या आप अपने बैग में पड़े दूसरे पत्थर को बाहर निकालकर बता सकते हैं कि वह गिरा हुआ पत्थर किस रंग का था। अगर आपके बैग में काले रंग का पत्थर होगा तो निश्चित तौर पर मेरे हाथ से गिरा पत्थर सफेद ही होगा। क्योंकि बैग में आपने काला व सफेद रंग के दो पत्थर ही तो डाले थे।

साहूकार को व्यापारी की बेटी की चाल समझ में आ गई, लेकिन वह कर भी क्या सकता था। वह तो अपने बुने जाल में फंस गया था। यह तो तय था कि उसके बैग में काला पत्थर ही था। इस तरह व्यापारी की बेटी की जीत हुई। साहूकार को अपने प्रस्ताव के अनुसार उसके पिता का कर्ज भी माफ करना पड़ा और उससे शादी का इरादा भी टालना पड़ा। यह कहानी समस्या से भागने की बजाय उसको हल करने के विकल्पों पर गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण से काम करने का संदेश देती है। किसी भी कठिन समस्या को आउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग (कुछ अलग नजरिये) से सॉल्व किया जा सकता है। यह आपको सही विकल्प ही उपलब्ध नहीं कराता, बल्कि उसको आसानी से लागू करने का तरीका भी बताता है।

You Might Also Like

चूहों की सभा में बिल्ली का विरोध
बच्चों को जरूर सुनाइए ये कहानियां
अब पूरा शहर जानता है इस गुमनाम बेटी को
जीवन में कौन महत्वपूर्ण – पत्थर, कंकड़ या फिर रेत
केशवपुरी में खुला डुग डुगी स्कूल
TAGGED:#beautifulyoung#Inspirationalstoryinhindi#Motivationalstory#optioninlife#Ugly#whitestonebusinessman
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article पहल करके तो देखिये…
Next Article ये आठ बातें शायद आपका सपना पूरा कर दें
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?