गंगोलीहाट में अगले सत्र से पशु चिकित्सा महाविद्यालय खुलेगाः सीएम

Rajesh Pandey
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ में  21.57 करोड़ रुपये के छह कार्यों का शिलान्यास और 1.39 करोड़ की लागत के जीआईसी दशाईथल, गंगोलीहाट का लोकार्पण किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं कीं। उन्होंने ब्लाक बेरीनाग के ग्राम बेलकोट-उपराडा सड़क को शहीद चारुचंद्र और ब्लाक गंगोलीहाट में जरमाल गांव से कनारा सड़क को वीर चक्र विजेता शहीद शेर सिंह के नाम से कराए जाने की घोषणा की। सीएम ने गंगोलीहाट में अगले सत्र से पशु चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मां हाट कालिका के दर्शन कर उन्हें असीम शक्ति एवं शांति की अनुभूति हुई। मां हाट कालिका से मिले संरक्षण के कारण ही आज हम इतनी लगन और समर्पण के साथ उत्तराखंड की सेवा कर पा रहे हैं।
इसी सिद्ध स्थान पर आदि गुरु शंकराचार्य जी ने मां देवी की स्तुति करने के लिए देवी अपराध क्षमा स्रोत ’’न मत्रं नो यन्त्रं’’ की रचना की थी। जिसमें वर्णित ’’कुपुत्रो जायेत क्व चिदपि कुमाता न भवति’’ अर्थात पुत्र कुपुत्र हो सकता है, परन्तु माता कुमाता कभी नही हो सकती, जैसी सारगर्भित पंक्ति हमारी संस्कृति का दृष्टि सूत्र है।
यह भूमि जहां वीरों की भूमि रही है, विद्वानों की भूमि रही है, वहीं महान ज्योतिषाचार्यों की भी भूमि रही है। गंगोलीहाट क्षेत्र जहां अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समेटे हैं, वहीं पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, हर विभाग से अगले दस साल का रोड मैप मांगा गया है, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य के विकास का खाका खींच सकें।
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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