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सचिवालय संघ की कई मांगों पर मुख्यमंत्री की सहमति

देहरादून। सचिवालय संघ ने सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अभिनंदन किया। सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय सहित विभिन्न कार्मिक संगठनों से उनकी समस्याओं के निराकरण के संबंध में आपसी संवाद की राह प्रशस्त की गई है।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को सचिवालय से ऊर्जा मिलती है। राज्य सरकार के जनहित से जुड़े निर्णयों को तत्परता से लागू करने की जिम्मेदारी भी सचिवालय की होती है। राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्मिकों की समस्याओं का समाधान कर रही है।
सीएम ने कहा, राज्य सचिवालय सहित अन्य विभागों के कार्मिकों की समस्याओं को वो समझते हैं। कार्मिकों के गोल्डन कार्ड की विसंगतियों सहित अन्य अनेक लम्बित प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखंड राज्य में पति-पत्नी के सेवारत रहने पर दोनों को मकान किराया भत्ता अनुमन्य किए जाने, सचिवालय परिसर में स्थापित एलोपैथिक डिस्पेंशनरी में पैथोलॉजी सैम्पलिंग एकत्र करने की व्यवस्था करने तथा डिस्पेंसरी को उच्चीकृत करते हुए चिकित्सा उपचार के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं देने पर सहमति व्यक्त की।
उन्होंने समीक्षा अधिकारी एवं अपर निजी सचिव के पद की श्रेणी को समूह ‘ग’ के समूह ‘ख’ (अराजपत्रित) घोषित किए जाने संबंधी मांग पर विभागीय संस्तुति सहित इसके अनुसार प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजने का निर्णय लेने पर सहमति व्यक्त की।
 मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में क्रेच सेंटर के लिए नवीन भवन निर्माण का प्रस्ताव राज्य सम्पत्ति विभाग को भेजने, गोल्डन कार्ड की खामियों के कारण एक जनवरी, 2021 से सचिवालय प्रशासन विभाग के अनुभागों में लंबित चिकित्सा दावों का भुगतान तत्काल कराने तथा गोल्डन कार्ड से कर्मचारियों एवं पेंशनरों को कैशलेस आयुष चिकित्सा सुविधा प्रदान करने पर भी सहमति व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सचिवालय संघ की विभिन्न समस्याओं का हल किए जाने का रास्ता निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोल्डन कार्ड की विसंगतियों एवं पदोन्नति में शिथिलिकरण जैसी समस्याओं का समाधान किया गया है। कोरोना महामारी के कारण देश ही नहीं विश्व की आर्थिक गतिविधियाँ भी प्रभावित हुई हैं। बावजूद इसके राज्य सरकार ने कार्मिकों के व्यापक हित में निर्णय लिए हैं। आगे भी समस्याओं के समाधान का रास्ता निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्मिकों की वेतन विसंगति के प्रकरणों के निस्तारण की दिशा में भी पहल करते हुए सामूहिकता के विश्वासभाव से देवस्थानम बोर्ड को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। हमारा लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जो कि सामूहिकता में विश्वास करने वाला है। हमारे सच्चे लोकतंत्र में ही हर व्यक्ति हर माध्यम से अपनी बात कह सकता है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कार्मिकों की विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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