Uttarakhand Health Camps: उत्तराखंड में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वास्थ्य पखवाड़ा’, निशुल्क उपचार के लिए 4604 स्वास्थ्य शिविर लगेंगे

Rajesh Pandey

Uttarakhand Health Camps: देहरादून, 8 सितंबर, 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर, उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी के जन्मदिन तक पूरे राज्य में ‘स्वास्थ्य पखवाड़ा’ आयोजित करने की तैयारियां तेज़ कर दी हैं।

इस संबंध में, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। इस पखवाड़े के दौरान, पूरे राज्य में मेडिकल कॉलेजों, जिला और उप-जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और उप-केंद्रों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँगे। इन शिविरों में मरीजों को जाँच, परामर्श और दवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। साथ ही, बड़े पैमाने पर रक्तदान शिविर भी आयोजित होंगे, जिनमें आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएँ सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

Uttarakhand Health Camps: स्वास्थ्य सचिव के अहम निर्देश

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि “स्वास्थ्य पखवाड़ा” न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएगा, बल्कि लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करेगा और स्वैच्छिक भागीदारी को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने अधिकारियों को एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने और हर स्तर पर उसकी निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि समाज का हर वर्ग इसका लाभ उठा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसदों, विधायकों, महापौरों, पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि “स्वास्थ्य पखवाड़ा” न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का एक अवसर है, बल्कि यह एक जन-जागरूकता अभियान भी है, जो स्वस्थ उत्तराखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Also Read: Uttarakhand new school curriculum: उत्तराखंड: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब स्कूलों में 240 दिन चलेंगी कक्षाएं

पूरे राज्य में लगेंगे 4604 शिविर

बैठक में जानकारी दी गई कि पूरे राज्य में कुल 4604 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएँगे।

  • अल्मोड़ा – 522
  • बागेश्वर – 109
  • चमोली – 206
  • चम्पावत – 120
  • देहरादून – 425
  • हरिद्वार – 367
  • नैनीताल – 367
  • पिथौरागढ़ – 679
  • पौड़ी – 573
  • रुद्रप्रयाग – 239
  • टिहरी – 533
  • ऊधमसिंह नगर – 256
  • उत्तरकाशी – 208

इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं, टीबी मरीजों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों को विशेष परामर्श दिया जाएगा, और केंद्र व राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:

  1. ब्लड डोनेशन कैंप: राज्य के हर स्वास्थ्य शिविर में बड़े रक्तदान शिविर लगेंगे। पारदर्शिता के लिए इनकी तस्वीरें और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएँगी।
  2. मेडिकल कॉलेज स्तर पर आयोजन: सभी मेडिकल कॉलेजों में विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएँगे, जिनमें मेडिकल छात्र और डॉक्टर भी शामिल होंगे।
  3. हेल्थ डेस्क की स्थापना: प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और जिला अस्पतालों में हेल्थ डेस्क बनाए जाएँगे, जहाँ लोगों को नि:शुल्क परामर्श और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी।
  4. मानक संचालन प्रक्रिया (SOP): स्वास्थ्य विभाग जल्द ही एक SOP जारी करेगा, जिसमें सभी जिलों और इकाइयों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश होंगे।
  5. विशेषज्ञ शिविर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्तर तक विशेषज्ञ शिविर आयोजित होंगे, जिनमें हृदय रोग, मधुमेह, श्वसन रोग, प्रसूति, स्त्री रोग, बाल रोग जैसी बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएँ देंगे।
  6. अन्य विभागों से समन्वय: अभियान को सफल बनाने के लिए अन्य विभागों को भी शामिल किया जाएगा।
  7. फूड एवं ड्रग कंट्रोलर विभाग का सहयोग: दवाओं और अन्य आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।
  8. निजी संस्थानों का सहयोग: निजी मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा।
  9. विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी: मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी स्वास्थ्य शिविरों में लगाई जाएगी ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में भी मरीजों को विशेषज्ञ उपचार मिल सके।
  10. ‘निक्षय मित्र’ पहल: जनप्रतिनिधियों को ‘निक्षय मित्र’ बनाया जाएगा ताकि वे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद कर सकें।

बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल, उपसचिव जसबिन्दर कौर, डॉ. जेएस चुफाल, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. कुलदीप मार्तोलिया और डॉ. सौरभ सिंह मौजूद रहे।

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *