शिक्षक दिवस पर 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार

Rajesh Pandey

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने किया सम्मानित, शिक्षकों के योगदान को बताया अनुकरणीय

देहरादून, 05 सितम्बर 2026: शिक्षक दिवस पर लोक भवन में आयोजित ‘शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार-2025’ सम्मान समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया।

प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कथाकार शैलेश मटियानी के नाम पर दिया जाने वाला यह पुरस्कार शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। शैलेश मटियानी ने हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और 100 से अधिक पुस्तकों की रचना की।

इस अवसर पर अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, अपर सचिव शिक्षा नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

इन शिक्षकों को मिला सम्मान

प्रारंभिक शिक्षा श्रेणी: विष्णुपाल सिंह नेगी (पौड़ी गढ़वाल), लखपत सिंह रावत (चमोली), पृथ्वी सिंह रावत (उत्तरकाशी), वीरेंद्र सिंह रावत (देहरादून), रोबिन कुमार (हरिद्वार), महेश्वर प्रसाद सेमवाल (टिहरी), शशिकांत नौटियाल (रुद्रप्रयाग), जहीर अब्बास (चंपावत), नौ सिंह (ऊधमसिंह नगर), डॉ. श्वेता मजगांई (नैनीताल), विक्रम सिंह परिहार (पिथौरागढ़) एवं त्रिलोक सिंह अधिकारी (अल्मोड़ा)।

माध्यमिक शिक्षा श्रेणी: नरेंद्र सिंह नेगी (पौड़ी गढ़वाल), डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा (चमोली), डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव (देहरादून), कमलेश पंवार (हरिद्वार), नवीन चंद्र पंत (चंपावत) एवं विशन सिंह मेहता (नैनीताल)।

प्रशिक्षण संस्थान श्रेणी: डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट (उत्तरकाशी)।

विशेष सम्मान—राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025: मंजूबाला (चंपावत)।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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