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गन्ना किसानों को जल्द ही मिलेगी कोई खुशखबरी

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मानूबांस, हरिद्वार में “रबी कृषक महोत्सव – 2021“ के विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी कृषकों को चेक एवं प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए। वहीं कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में गन्ना किसानों को एक खुशखबरी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों को बीज, उर्वरक आदि की जानकारी देने के लिए लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं-

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हरिपुर टोंगिया को राजस्व ग्राम बनाया जाएगा।

ग्राम टांडा हसन में नदी पर पुल का निर्माण किया जाएगा।

ग्राम रिठौरा में नदी पर पुल का निर्माण किया जाएगा।

लालवाला दाबूबांस में पुल निर्माण किया जाएगा।

बुग्गावाला में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जाएगी।

मानूबांस में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जाएगी।

ग्राम इब्राहिमपुर मसाई में इंटर कॉलेज की स्थापना की जाएगी।

बुग्गावाला में विकासखंड की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है।

राज्य के लिए विशेष योगदान देने वाले महानुभावों को उत्तराखंड गौरव सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है। हम सम्मानित करने के लिए कोई राजनीति नहीं करते, जिसका उदाहरण स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी हैं, जिनको मरणोपरांत उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से नवाजा है।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि युवा राज्य के युवा मुख्यमंत्री उत्साह और उमंग के साथ प्रदेश के विकास हेतु कार्य कर रहे हैं। निश्चित रूप से धामी सरकार के कार्यों से पूरे प्रदेश की जनता लाभान्वित हो रही है।

कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रदेशवासियों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। आने वाले कुछ दिनों में गन्ना किसानों के लिए एक खुशखबरी दी जाएगी

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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