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कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानंद के नेतृत्व में सीएम से मिले किसान

देहरादून। गन्ना मूल्य बढ़ाने पर मंगलवार को कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करके उनका आभार व्यक्त किया। बीते कल मुख्यमंत्री ने गन्ने की अगेती प्रजाती का मूल्य 355 रुपये प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 345 रुपये प्रति कुन्तल किया है।
अपने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सीएम धामी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ने से प्रदेश के लाखों किसानों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितारगंज किसान सहकारी मिल का शुभारम्भ होने से हजारों किसान सीधे लाभान्वित होंगे। भविष्य में वहां एथेनॉल और बिजली का उत्पादन भी होगा।
उन्होंने कहा कि किसान परिवार से होने के नाते, मैं किसानों के दर्द को भली भांति जानता हूं। किसान हमारे अन्नदाता हैं। किसानों के हित में जो सम्भव हो, वे निर्णय लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन रहा है कि देश का किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो। किसानों के लिए केन्द्र सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान सम्मान निधि एवं अनेक योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने प्रदेश के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि गन्ना किसानों के हित में मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लिया है। इस फैसले से किसानों के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दे रही है।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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