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मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के तहसील धारचूला के ग्राम जुम्मा में भारी वर्षा से हुए नुकसान के बारे में कुमाऊं कमिश्नर सुशील कुमार एवं अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ फिंचाराम से वर्चुअल माध्यम से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में मौजूद जिलाधिकारी आशीष चौहान से फोन पर राहत व बचाव कार्यों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं कमिश्नर एवं जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र से लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर लाया जाए। प्रभावितों को रहने के साथ ही खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं बच्चों को दूध की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित क्षेत्र में कोई न फंसे।

कुमाऊं कमिश्नर को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को जल्द शुरू करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए। लोक निर्माण विभाग की टीम से जल्द रास्ते का मलबा हटाया जाए। एनएच के जो भी रूट बाधित हो रहे हैं, उनको शीघ्र खुलवाने के लिए जेसीबी एवं अन्य करण की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं कमिश्नर एवं जिलाधिकारी पिथौरागढ़ से बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार 03 लोगों के मृत्यु एवं 04 लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासन एवं एसएसबी की टीम घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। मौसम साफ होते ही मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे।

रानीपोखरी के लिए जल्द शुरू होगा यातायात

वहीं, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह में अस्थायी वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से भी मुलाकात की। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता हरिओम ने विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित यातायात को जल्द से जल्द सुचारू किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने थानो भोगपुर मार्ग को जल्दी दुरुस्त कर यातायात खोलने के निर्देश दिए।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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