उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड अधिनियम वापस लेने का फैसला

Rajesh Pandey
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। फोटो- मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट से लिया है।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने देवस्थानम बोर्ड अधिनियम वापस लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय की घोषणा की है। यह फैसला पूर्व सांसद मनोहरकांत ध्यानी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में गठित देवस्थानम बोर्ड अपनी स्थापना के समय से ही विवादों में था। राज्यभर में तीर्थ पुरोहित, हक-हकूकधारी एवं चारधाम से जुड़े अन्य लोग इसका पुरजोर विरोध कर रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिनियम वापस लेने के फैसले की जानकारी देते हुए कहा, सभी की भावनाओं, तीर्थपुरोहितों, हक- हकूकधारियों के सम्मान एवं चारधाम से जुड़े सभी लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्री मनोहर कांत ध्यानी जी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने देवस्थानम बोर्ड अधिनियम वापस लेने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, देव स्थान हमारे लिए सर्वोपरि रहे हैं। आस्था के इन केन्द्रों में सदियों से चली आ रही परम्परागत व्यवस्था का हम सम्मान करते हैं, गहन विचार-विमर्श और सर्वराय के बाद हमारी सरकार ने देवस्थानम् बोर्ड अधिनियम वापस लेने का निर्णय लिया है।
इस विषय पर अपने सुझाव व्यक्त करने के लिए सभी तीर्थ पुरोहितों, हमारे विद्वान पण्डितों, हक-हकूकधारियों और चारधाम से जुड़े सभी वर्गों का आभार प्रकट करता हूँ।

 

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *