मां के दूध से बेहतर बच्चे के लिए कोई दूसरा दूध नहीं है। लेकिन अगर आप किसी वजह से अपने बच्चे को दूध नहीं पिला पा रही हैं, तो जरूरी है यह समझना कि बच्चे के लिए बाजार का कौन-सा दूध बेहतर रहेगा। अक्सर मां को लगता है कि बच्चे को सोया मिल्क पिलाना बेहतरीन विकल्प है, जबकि ऐसा नहीं है। आप जब भी अपने बच्चे को सोया मिल्क पिलाएं, तो उससे पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लें। आमतौर पर डॉक्टर्स 6 महीने से कम आयु के बच्चों को सोया मिल्क पिलाने की इजाजत नहीं देते। अगर बच्चे को गाय के दूध से एलर्जी हो, तो आप सोया मिल्क को विकल्प के तौर पर चुन सकती हैं, लेकिन आपको यह बताते चलें कि सोया मिल्क एलर्जी न होने की गारंटी नहीं है। असल में यह जानना आवश्यक है कि आपके बच्चे को किस तरह का दूध सूट करता है। यदि उसे एनिमल दूध से एलर्जी है, तो डॉक्टर की सलाह के मुताबिक कब और कितना सोया मिल्क देना है, अच्छी तरह समझ लें।
सोया मिल्क नहीं है बच्चे के लिए बेहतर विकल्प

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140
ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com
फोन: +91 9760097344
Leave a Comment


