बच्चों की छोटी कहानियांः नील और चंदा मामा

Rajesh Pandey

एक बार की बात है, एक छोटा सा लड़का था जिसका नाम नील था। नील को रातों को आसमान देखना बहुत पसंद था। वह रोज रात को अपनी खिड़की के पास बैठकर चांद और तारों को घंटों निहारता रहता था।

एक रात, नील ने चांद से पूछा, “चंदा मामा, आप इतने चमकदार क्यों हो?”

चांद ने मुस्कुराते हुए कहा, “बेटा, मैं पृथ्वी को रोशन करने के लिए चमकता हूं। मैं तुम्हें और तुम्हारे दोस्तों को रात में खेलने के लिए रोशनी देता हूं।”

तभी, एक तारा टिमटिमाया और बोला, “मैं भी चमकता हूं, नील। मैं तुम्हें रात में सपने दिखाने के लिए चमकता हूं।”

नील बहुत खुश हुआ। उसने सोचा कि चांद और तारे कितने अच्छे हैं जो हमेशा हमारे लिए चमकते रहते हैं।

अगली रात, नील ने अपने दोस्तों को चांद और तारों के बारे में बताया। उसके दोस्त भी बहुत खुश हुए और उन्होंने रात को आसमान देखने लगे।

कहानी का संदेश:

यह कहानी हमें सिखाती है कि आसपास की हर चीज़ का एक महत्व होता है। चांद और तारे हमें रात में रोशनी देते हैं और हमें खुश रखते हैं। हमें प्रकृति की इन खूबसूरत चीज़ों का सम्मान करना चाहिए।- AI Generated

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *