शाइन एवी पब्लिकेशन ने भावी शिक्षकों के साथ शुरू किया ‘समावेशी शिक्षा मिशन 2030’

Rajesh Pandey

डी.ए.वी. (पी.जी.) कॉलेज, देहरादून में शिक्षक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम का आयोजन

सामान्य कक्षाओं में विशेष जरूरतों वाले बच्चों की पहचान और मदद पर जोर

देहरादून, 31 अगस्त, 2026: समावेशी शिक्षा और विजुअल-बेस्ड लर्निंग के क्षेत्र में कार्यरत संस्था ‘शाइन एवी पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ ने ‘समावेशी शिक्षा मिशन 2030’ के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था ने बी.एड. और डी.एड. के भावी शिक्षकों तथा सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष ‘शिक्षक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम’ (Teacher Capacity-Building Programme) लॉन्च किया है।

इस अभियान का पहला सेमिनार हाल ही में डी.ए.वी. (पी.जी.) कॉलेज, देहरादून में आयोजित किया गया, जहां बीएड के छात्रों को सामान्य कक्षाओं में विभिन्न शिक्षण आवश्यकताओं वाले बच्चों को पहचानने और उन्हें सहयोग देने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

किताबों से आगे, सीधे क्लासरूम तक समाधान

जुलाई में विजुअल-लर्निंग आधारित किताबों की श्रृंखला लॉन्च करने के बाद, संस्था का उद्देश्य अब इस ज्ञान को सीधे कक्षाओं तक पहुंचाना है। सेमिनार में शिक्षकों को बताया गया कि एक ही कक्षा में हर बच्चे के सीखने, समझने और प्रतिक्रिया देने की गति अलग हो सकती है। भाषा, एकाग्रता, व्यवहार या संवाद की कमियों को अक्सर लापरवाही या अनुशासनहीनता समझ लिया जाता है।

कार्यशाला में प्रशिक्षुओं को सिखाया गया कि:

  • बच्चों की शुरुआती कठिनाइयों को कैसे पहचानें।

  • सहानुभूति, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ शिक्षण रणनीतियां कैसे अपनाएं।

  • पाठ्यक्रम में बदलाव, सरल निर्देश, विजुअल टूल्स और अनुकूलित मूल्यांकन (Adapted Assessments) का उपयोग कैसे करें।

  • शिक्षकों का काम डॉक्टर बनना या बीमारी का निदान (डायग्नोसिस) करना नहीं है, बल्कि बच्चे की सीखने की समस्याओं को जल्दी पहचानकर सही सहयोग देना है।

नीतियों को धरातल पर उतारना जरूरी

शाइन एवी पब्लिकेशन की निदेशक एवं मायरा केयर फाउंडेशन की ऑपरेशंस हेड अनिता शर्मा ने कहा, “आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 जैसे मजबूत नीतिगत ढांचे देश में मौजूद हैं, लेकिन वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब ये नीतियां कक्षाओं में लागू होंगी। सामान्य स्कूलों में कई बच्चे ऐसे हैं, जिनकी सीखने की समस्याएं अनसुलझी रह जाती हैं। यह कार्यक्रम नीति और व्यावहारिक कक्षा-शिक्षण के बीच की दूरी को पाटने का प्रयास है।”

पुल-आउट रिसोर्स रूम मॉडल की योजना

शाइन एवी पब्लिकेशन स्कूलों में ‘पुल-आउट रिसोर्स रूम मॉडल’ विकसित करने पर काम कर रहा है। इस मॉडल का उद्देश्य बच्चों को अलग-थलग करना नहीं, बल्कि उन्हें सामान्य कक्षा से जुड़े रखते हुए थोड़े समय के लिए विशेष और व्यक्तिगत शैक्षिक सहायता प्रदान करना है। इसमें विषय शिक्षक, विशेष शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चे की प्रगति की निगरानी करेंगे। संस्था का यह अभियान आगे भी विभिन्न बी.एड./डी.एड. कॉलेजों और स्कूलों में जारी रहेगा, ताकि हर बच्चे को गरिमा और समान अवसरों के साथ सीखने का माहौल मिल सके।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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