MLFF Toll System India: नई दिल्ली, 12 मई, 2026ः सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मुंडका-बक्करवाला, यूईआर-II (अर्बन एक्सटेंशन रोड) पर अपनी तरह के पहले बैरियर-रहित टोल प्लाजा का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि वाहनों को अब टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यातायात प्रवाह में सुधार होगा और हाईवे पर भीड़ में कमी आएगी। इस पहल के आर्थिक लाभों का उल्लेख करते हुए कहा कि टोल वसूली कार्यों में पहले लगभग 15 प्रतिशत व्यय होता था, लेकिन एमएलएफएफ प्रणाली से इसके घटकर लगभग 3-4 प्रतिशत होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि परिचालन लागत में कमी आने से प्रति वर्ष लगभग 5,000-6,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि टोल वसूली में प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों के माध्यम से पिछले कुछ वर्षों में राजमार्ग राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एमएफएलएफ प्रणाली से सालाना लगभग 250 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होने तथा लगभग 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है, जिससे प्रदूषण में कमी लाने विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
कैसे काम करता मल्टी लेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम
यह प्रणाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) तकनीक को फास्टैग-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के साथ एकीकृत करती है ताकि न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ स्वचालित उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह को सुविधाजनक बनाया जा सके।
यह प्रणाली निर्बाध वाहन आवागमन को सक्षम बनाएगी, जिससे यात्रा समय में सुधार लाने, ईंधन की दक्षता बढ़ाने और टोल प्लाजा पर वाहन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद करेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन चलाने वालों को अपने फास्टैग खातों में पर्याप्त राशि रखने की आवश्यकता होगी।
फास्टैग में अपर्याप्त राशि, अवैध या खराब फास्टैग की स्थिति में शुल्क का भुगतान नहीं करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस (ई-नोटिस) जारी की जाएगी। ई-नोटिस के 72 घंटे के भीतर सामान्य उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना आवश्यक होगा।
72 घंटे के बाद भी भुगतान नहीं करने की स्थिति में, वाहन पर सामान्य दर से दुगनी दर पर उपयोगकर्ता शुल्क लगाया जाएगा। ई-नोटिस को पोर्टल https://nhfeenotice.parivahan.gov.in/ के माध्यम से प्राप्त एवं भुगतान किया जा सकता है।
उपयोगकर्ता ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
ई-नोटिस का भुगतान नहीं करने पर फास्टैग को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और वाहन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्य वाहन संबंधी सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
इस महीने की शुरुआत में, एनएचएआई ने गुजरात के राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के सूरत–भरूच खंड पर चोरायसी टोल प्लाजा में एमएलएफएफ आधारित टोल प्रणाली की सफलतापूर्वक शुरुआत की।




