पौष्टिक फसलों की किताब स्वाद के साथ स्वास्थ्य का विमोचन

Rajesh Pandey

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में श्री अन्न महोत्सव-2023 का शुभारंभ करते हुए मिलेट्स के विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि विभाग की पौष्टिक फसलों पर आधारित पुस्तक ‘‘स्वाद के साथ स्वास्थ्य’’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, यह आयोजन ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह के आयोजनों से न केवल मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे किसानों को भी मोटे अनाजों से संबंधित आवश्यक जानकारियां प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के कारण ही समस्त विश्व हमारे देश की परम्परागत फसलों के महत्व को समझ रहा है।

भारत के प्रस्ताव पर ही ’’संयुक्त राष्ट्र संघ’’ ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ’’श्री अन्न’’ केवल खेती या खाने तक सीमित नहीं है, जहां ’’श्री’’ होता है वहां समृद्धि, समग्रता और विजय होती है। इसलिए प्रधानमंत्री ने मिलेट्स को ’’श्री अन्न’’ की संज्ञा दी है। श्री अन्न में पौषणीय तत्वों के साथ औषधीय गुण भी पाए जाते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, प्रदेश में सरकार ने मिलेट फसलों को प्रोत्साहन तथा आम जनमानस के भोजन में सम्मिलित करने के लिए लगभग 73 करोड़ रुपए की धनराशि स्टेट मिलेट मिशन को दी है। जैविक कृषि के साथ-साथ राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के 11 जनपदों में इस वर्ष से आरम्भ किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, उत्तराखंड में प्राचीन काल से ही श्री अन्न की खेती होती थी। राज्य में किसानों से मंडुवे को एमएसपी पर लेने एवं इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जो इन्सेन्टिव देने की व्यवस्था की गई है, वह सराहनीय है।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, सुरेश गड़िया, किसान आयोग के अध्यक्ष  राकेश राजपूत, सहित विभागीय अधिकारी और कृषक मौजूद रहे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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