आदमी में गांव

Rajesh Pandey
नीलम पांडेय “नील”

नीलम पांडेय “नील”                                 

किसी पुरानी किताब
के कई छुटे पन्ने धुमिल
स्याही के आखरों जैसे
क्ई गांव बुढ़ा गये और
कुछ पलायन में खो गये,
व निगल गयी,आधुनिकता ।

सही में विकास की राह
कई बार बेमानी होती है
सीधे सरल लोग जो हैं
गुम  जाते व खो जाते हैं
और कौन रिझेगा सपने सरीखी
बातों से, गर पढ लिख जाएंगें ।

पुराने बुढे गांव भी एकबार
पहल कर जायेंगें, यदि
भुल से कदम बढ जाते
उन पगडंडियों में कभी
तो टुटे बचे अवशेष आज
कई कहानियां कहती हैं ।

कहीं मौन सहमति में लोग
अनायास आज को गले
लगाने के हौसले बस
चाहे अनचाहे ही सही
अब बुलंद कर रहे हैं ,मन
के लिबास बदल रहे हैं ।

बस बातों में गावं कभी
राजनीति ,कभी  धरम  में,
बजट पालिसी के पन्नों
व विकास की भाषा से
गरीब की पीठ में चने भुनते
बड़े ही फल फूल रहे हैं ।
जहां मिट्टी कुरेदो उधर एक
नया उगता नेता,और पद हैं,
पदों की राह चाह में वादे
और विकास टटोलता आदमी
ऐसे ही गांव में कहीं आदमी
आदमी में गांव शायद बचा है ।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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