खोजता हूँ

Rajesh Pandey

उमेश राय

अपने कमरे में उसे खोजता हूँ,
खो जाता हूँ…
पुनर्खोज क्या है?
भूल को फूल की तरह पा जाना..

मेरा पथ श्रेय का नहीं है सखे!
गेय का पेय ही मेरा पथ्य ठहरा.
खो गयी है नेह की एक बूंद खुशबू..

ऐ समुंदर! किस तरह पाऊं उसे..
बोल उठा सहसा तभी एक परिचित-सा चित्त,
नेह की बानी, रवानी को लिए..

वह ख़्वाब कमरे में कहाँ है
देखना उस आँख से मेरे जमूरे!
रूह के पन्ने जरा तबीयत से पलट तो सही..
यही अपना खाता-बही..

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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