Kedarnath Yatra 2025: रुद्रप्रयाग की महिलाएँ बन रही हैं आत्मनिर्भर

Rajesh Pandey

Kedarnath Yatra Women SHGs 2025

रुद्रप्रयाग, 05 मई, 2025ः श्री केदारनाथ यात्रा 2025 रुद्रप्रयाग जिले के महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है। जिले के लगभग 150 महिला समूह प्रसाद, जौ, तिल, कॉइन सोवेनियर, बद्री गाय का घी (1200 रुपये/किलो), और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से लेकर होमस्टे, जलपान गृह, और टेंट संचालन तक कर रहे हैं।

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जखोली ब्लॉक में 50 समूह यात्रा से जुड़ा कारोबार कर रहे हैं, जिनमें 30 प्रसाद, 10 धूपबत्ती, और 10 पहाड़ी उत्पाद बेच रहे हैं। अगस्त्यमुनि ब्लॉक में 38 समूह सोवेनियर, प्रसाद पैकेजिंग, और जलपान गृह चला रहे हैं, जिससे 90 महिलाओं को रोज़गार मिला। ऊखीमठ ब्लॉक में 60 समूह, जिनमें 48 प्रसाद तैयार कर रहे हैं, यात्रा से जुड़ा कारोबार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा महिला समूहों की आर्थिकी का आधार है, और सरकार स्टॉल आवंटन से लेकर हर सहायता दे रही है।

Kedarnath Yatra Women SHGs 2025

ऑनलाइन प्रसाद और सोवेनियर: स्थानीय महिलाओं की मेहनत

केदारनाथ प्रसाद की अब ऑनलाइन खरीद उपलब्ध है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल रही है। रुद्रप्रयाग के जिला उद्योग केंद्र द्वारा संचालित भटवाड़ीसैंण ग्रोथ सेंटर में स्थानीय महिलाएँ केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति सोवेनियर बना रही हैं। इस साल 5,000 प्रतिकृतियाँ तैयार हो चुकी हैं, और यह काम निरंतर जारी है। ये स्मृतिचिह्न श्रद्धालु अपने साथ ले जाते हैं। प्रशासन ने समूहों को यात्रा मार्ग पर दुकानें आवंटित की हैं, जहाँ वोकल फॉर लोकल की भावना के साथ स्थानीय उत्पाद बिक रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे इन गुणवत्तापरक उत्पादों को खरीदें, ताकि स्थानीय महिलाओं की आजीविका को और बल मिले। यह पहल उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती दे रही है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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