हे गिरधारी

Rajesh Pandey

हे गिरधारी अब तो मेरी
प्रेम गगरिया भरने दो
सुना के अपनी मुरली की धुन
भवसागर से तरने दो
मैं प्रेम प्यासी चातक ठहरि
तुम घन प्रेम के घनश्याम सदा
अब तो मुझ दासी को अधरों से
ये अमृत रस चखने दो
हे गिरधारी………………..
तरस रही है राधा व्याकुल
तेरी एक झलक पाने को
मोहन अब तो इस दासी को
अपने दर्शन करने दो
हे गिरधारी… …………               krishna

गोकुल का ये सारा माखन
चुपके चुपके लील गए
माखन का एक कौर मुझे भी
हे मोहन खा जाने दो
हे गिरधारी………..
तुम बिन मुझको अब एक पल भी
चैन नहीं है धरती पर
अपने चरण कमल में मुझको
हे मधुसूधन रहने दो
हे गिरधारी……………….
तुम बिन अब सूना लगता है
पूरा गोकुल धाम प्रिये
रौनक तेरे नाम की मुझको
हे गोबर्द्धन करने दो
हे गिरधारी……..
#अबोध

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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