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किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत बनाने के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकताः भंडारी

हिमाचल प्रदेश में बनेंगी पांच किसान उत्पादक कंपनियांः डॉ. बहुगुणा

सोलन। हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के चेयरमैन तथा कौंसिल ऑफ़ स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के नेशनल चेयरमैन बलदेव सिंह भंडारी ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत बनाने के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता है, इससे उन्हें उचित विपणन व्यवस्था मिल सकेगी।

बोर्ड के चेयरमैन भंडारी डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सोलन में किसान उत्पादक संगठनों के निदेशक मंडल के तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थापित की जा रही मंडियों में किसान उत्पादक संगठनों को विपणन के लिए एक- एक दुकानें आवंटित की जाएगी

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संस्थान स्माल फार्मर्स  एग्री बिजनेस कंसोर्टियम की ओर से हिमालयन इंस्टीट्यूट फॉर इन्वायरन्मेंट, इकोलोजी एंड डेवलपमेंट (हाईफीड), रानीचौरी, टिहरी गढ़वाल से क्रियान्वित दस हजार किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन एवं संवर्धन की योजना के अंतर्गत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

इस अवसर पर हाईफीड के निदेशक डॉ. कमल बहुगुणा ने कहा, यदि किसानों के संगठन मजबूत होंगे तभी वो अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। इसलिए किसान उत्पादक संगठनों को प्रशिक्षित कर उनकी क्षमता बढ़ाने कि आवश्यकता है l उन्होंने बताया, हाईफीड संस्थान ने इस वर्ष उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 18 एफपीओ का गठन किया है, जिन्हें कंपनी के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डायरेक्टर एक्सटेंशन डॉ. देवेंदर गुप्ता ने कहा कि उनका विश्वविद्यालय इस परियोजना में हाईफीड तथा किसान उत्पादक संगठनों को प्रशिक्षण तथा तकनीकी सहायता आदि से संबंधित सभी सहयोग प्रदान करने को तैयार है।

कार्यक्रम के प्रशिक्षक अविनास दास ने कहा, हाईफीड तथा किसान उत्पादक संगठनों को उत्पादों के विपणन पर अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। तभी किसान उत्पादक संगठनों की आय में वृद्धि की जा सकेगी तथा उन्हें मजबूत विपणन आधार मिलेगा।

प्रशिक्षण से पहले हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के चेयरमैन बलदेव सिंह भंडारी, हाईफीड के निदेशक डॉ. कमल बहुगुणा, डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सोलन के डायरेक्टर (एक्सटेंशन) डॉ. देवेंदर गुप्ता, ज्वाइंट डायरेक्टर कम्युनिकेशन डॉ. अनिल सूद, ज्वाइंट डायरेक्टर ट्रेनिंग डॉ. चमन लाल ठाकुर तथा प्रशिक्षक अविनास दास ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर हाईफीड संस्थान के मनीष वर्मा, बृजमोहन कंडारी आदि ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग किया। हाईफीड के स्टेट कोऑर्डिनेटर हिमाचल प्रदेश पीडी भाटिया ने अतिथियों का स्वागत किया।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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