ICAR-IISWC Kheti Bachao Abhiyan:वैज्ञानिकों ने कैंचीवाला में किसानों को बताया, कैसे स्वस्थ रहेगी खेत की मिट्टी 

Rajesh Pandey

ICAR-IISWC Kheti Bachao Abhiyan: देहरादून, 9 जून, 2026: भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (ICAR-IISWC), देहरादून के पादप विज्ञान प्रभाग ने  सहसपुर ब्लॉक के कैंचीवाला गांव में “खेती बचाओ अभियान: स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत” के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ कृषि उत्पादकता और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय कृषकों को स्वस्थ मिट्टी के महत्व के प्रति जागरूक करना था

इस कार्यक्रम में क्षेत्र के 20 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसमें 13 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल थीं। इन सभी ने आधुनिक और जलवायु-अनुकूल खेती की तकनीकों को सीखने के लिए कृषि वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया।

पादप विज्ञान प्रभाग (PSD) के अध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जे.एम.एस. तोमर ने “खेती बचाओ अभियान” के उद्देश्यों की जानकारी के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही टिकाऊ कृषि और किसानों की आय में वृद्धि का असली आधार है। उन्होंने किसानों से जैविक पदार्थों के समावेशन, संतुलित पोषक तत्वों के प्रयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया

ICAR-IISWC Kheti Bachao Abhiyan: प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विभा सिंघल ने मृदा उर्वरता बनाए रखने के वैज्ञानिक उपायों और पोषक तत्व प्रबंधन पर एक विस्तृत ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि फसल उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ कृषि की लागत को कम किया जा सके

वैज्ञानिक डॉ. अनुपम बड ने किसानों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, फसल विविधीकरण और संसाधन संरक्षण तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए किसानों को जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। 

ICAR-IISWC Kheti Bachao Abhiyan: वरिष्ठ तकनीकी सहायक मुदित मिश्रा ने कार्यक्रम के कुशल समन्वय में सहयोग प्रदान किया। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित किसानों को संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न विस्तार गतिविधियों और तकनीकी सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी

इस आयोजन का मुख्य आकर्षण वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद सत्र रहा। इस दौरान किसानों ने मृदा उर्वरता प्रबंधन, प्राकृतिक खेती की ओर बदलाव, फसल उत्पादन, कीट एवं रोग प्रबंधन, और जल तथा पोषक तत्वों के कुशल उपयोग से जुड़े कई व्यावहारिक प्रश्न पूछे। वैज्ञानिकों की टीम ने वैज्ञानिक और व्यावहारिक सुझावों के माध्यम से किसानों की सभी जिज्ञासाओं का समाधान किया

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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