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डोईवाला नगर पालिका पहले तो गिनती भूल गई और फिर अपने अध्यक्ष का नाम

वर्तमान चेयरपर्सन सुमित्रा मनवाल के फोटो पर पूर्व पालिकाध्यक्ष कोमल कन्नौजिया का नाम लिखा

डोईवाला। डोईवाला नगर पालिका ने तो कमाल कर दिया। कहते हैं किसी भी संस्था या विभाग की वेबसाइट उसका प्रतिबिंब होती है। यानी वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं के लिए माना जाता है कि संबंधित संस्था या विभाग इनकी पुष्टि करता है। बात डोईवाला नगर पालिका की करते हैं, जिसकी वेबसाइट पर उपलब्ध गलत सूचनाएं यह दर्शाने के लिए काफी हैं कि 20 वार्डों वाली नगर पालिका परिषद सूचनाओं को लेकर कितना सतर्क रहती है। हाल यह है कि पालिका परिषद ने अपनी अध्यक्ष का नाम तक भुला दिया। आइए देखते हैं, तीन अप्रैल 2022 को नगर पालिका की वेबसाइट अध्यक्ष से लेकर मेंबर्स के बारे में क्या सूचनाएं दे रही है।

वेबसाइट के लिंक पर आपको पालिका अध्यक्ष और 20 वार्डों के सदस्यों के नाम औरं फोन नंबर मिलेंगे। यहां की गईं गलतियां छोटी कही जा सकती हैं, पर ये सिर घुमाने के लिए काफी हैं। मेंबर की लिस्ट में जो क्रमांक हैं, उसमें 8 नंबर गायब है, जिसकी वजह से पालिका के 20 वार्डों में सदस्यों की संख्या 21 प्रतीत होती है। इस लिस्ट में क्रम संख्या 21 को दो बार दर्शाया गया है।

देखें पीडीएफ में- तीन अप्रैल 2022 को नगर पालिका डोईवाला की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना

वेबसाइट के अनुसार, आज की तारीख में त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक हैं, जिनके फोटो पद नाम से यहां दर्शाए गए हैं। जबकि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मार्च, 2021 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके बाद तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री बने थे, जिन्होंने जुलाई, 2021 में इस्तीफा दे दिया था। उनके बाद पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री बने। 2022 के विधानसभा चुनाव हो गए हैं और पुष्कर सिंह धामी पुनः मुख्यमंत्री हैं। वहीं, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के कार्यकाल में ही मदन कौशिक कैबिनेट मंत्री पद से हटकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने थे, जो वर्तमान में इसी पद पर हैं। लेकिन, डोईवाला नगर पालिका वेबसाइट पर लगभग नौ माह पुरानी सूचनाएं उपलब्ध करा रही है।

फोटो वर्तमान पालिका अध्यक्ष का, नाम पूर्व अध्यक्ष का
नगर पालिका परिषद डोईवाला ने वेबसाइट पर एक और कमाल किया है। इस पेज पर पालिकाध्यक्ष सुमित्रा मनवाल का फोटो है, लेकिन इस फोटो के कैप्सन में उनका नाम कोमल कन्नौजिया लिखा है, जबकि कोमल कन्नौजिया पालिका की पूर्व अध्यक्ष हैं। कोमल कन्नौजिया का कार्यकाल 2018 में समाप्त हो गया था। उनके बाद सुमित्रा मनवाल पालिका की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं।

सभासद मनीष धीमान का कहना है, नगर पालिका परिषद की सभी सूचनाएं अपडेट रहनी चाहिए। इससे पता चलता है कि तमाम मुद्दों पर जनता को जागरूक करने वाली नगर पालिका सूचनाओं को लेकर कितनी सजग है। वो इस संबंध में पालिका के अधिशासी अधिकारी से बात करेंगे। वार्ड मेंबर प्रतिनिधि अवतार सिंह का कहना है, पालिका का कार्य लोगों तक सही सूचनाएं पहुंचाना है, यदि वेबसाइट पर इस तरह की गलतियां होती हैं, तो अच्छा असर नहीं पड़ता।

नगर पालिका का यह कहना है
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी के अनुसार उनकी नियुक्ति हाल ही में हुई है, इसलिए उन्होंने वेबसाइट संबंधित कार्यों को देखने वाले कार्मिक से बात करने की सलाह देते हुए उनका फोन नंबर उपलब्ध कराया। पालिका के एमआईएस (Management information systems) संबंधित कार्यों को देखने वाले कुलदीप खत्री का कहना है, विधानसभा चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर प्रोग्रामर को वेबसाइट से सभी राजनीतिक व्यक्तियों के फोटो हटाने के लिए कहा गया था। उन्होंने सभी फोटो हटा दिए थे। आचार संहिता समाप्त होने के बाद प्रोग्रामर ने भूलवश पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व नगर विकास मंत्री का फोटो लगा दिया होगा। हम वेबसाइट को तुरंत चेक करके सभी सूचनाओंं को अपडेट करा देंगे।

वहीं, पालिका परिषद की अध्यक्ष सुमित्रा मनवाल के प्रतिनिधि सागर मनवाल का कहना है, वेबसाइट पर किसी भी तरह की गलत सूचना नहीं होनी चाहिए। हमारा पूरा प्रयास रहता है कि जनता तक समय पर और सही सूचनाएं पहुंचें। पालिका अध्यक्ष सुमित्रा मनवाल ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को वेबसाइट पर सूचनाएं तत्काल अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।

 

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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