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असली शहद बनाने की फैक्ट्री तो इनके पास है

संसार में मधुमक्खिों 20,000 से अधिक प्रजातियां हैं। शुद्ध और शानदार शहद बनाने वाली ये मधुमक्खियां एक ऐसे सिस्टम का हिस्सा हैं, जो कहीं ज्यादा विकसित और उल्लेखनीय है। इनका संगठनात्मक ढांचा तीन प्रकार की मधुमक्खियों में बंटा होता है, जिनमें रानी, ​​मजदूर और ड्रोन है। 

रानी मधुमक्खी का केवल एक ही काम है, अंडे देना। वह पूरा जीवन छत्ते में बिताती है और अंडे सेती है। श्रमिक मधुमक्खियों को सबसे कठिन काम करना पड़ता है। वे बेबी मधुमक्खियों के लिए सेल का निर्माण करती हैं। उनका ख्याल रखती हैं और छत्ते को साफ और सुव्यवस्थित करती हैं। ये मधुमक्खियां पराग भी इकट्ठा करती हैं और इसे शहद में बदलती हैं। शहद बेबी मधुमक्खियों को खिलाती हैं।

श्रमिक मधुमक्खियां रानी मधुमक्खियां बनाने के लिए कुछ अंडों का चयन करती हैं। ये विकसित होते लार्वा को रॉयल जैली फीड कराती हैं, जो एक विशेष प्रकार का शहद होता है, जिसमें उच्चस्तर पर पोषक तत्व होते हैं। रॉयल जैली एक साधारण मधुमक्खी लार्वा को रानी मधुमक्खी में बदलता है। मधुमक्खियां फसलों का परागण करती हैं, जैसे-सेब, नाशपाती, तरबूज और कद्दू की फसल में मधुमक्खियों के बिना वृद्धि नहीं होती।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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