हरियाली अमावस्या का त्योहार सावन महीने की अमावस्या को मनाया जाता है। यह त्योहर सावन में प्रकृति पर आई बहार की खुशी में मनाया जाता है। हरियाली अमावस पर पीपल के वृक्ष की पूजा एवं फेरे किए जाते हैं तथा मालपूए का भोग बनाकर चढ़ाए जाने की परम्परा है। हरियाली अमावस्या पर पौधारोपण का अधिक महत्व है।
अगर आपने जीवन के कष्टों से परेशान हो गए हैं और अब उनसे निजात पाना चाहते हैं तो हरियाली आमवस्या की शाम को किए गए कुछ उपाय आपको आपके कष्टों से निजात दिला सकते हैं और आपकी सारी मनोकामनाएं भी पूर्ण हो सकती हैं।
सूर्यास्त के बाद खीर बनाकर भगवान शिव को भोग लगाकर गरीबों में बांट दें। रात को घर के मुख्य द्वार पर दोनों तरफ दीपक प्रज्ज्वलित करें। शाम 5 बजे के बाद हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाकर श्री राम के ध्यान मंत्र का जाप करें- ‘ऊँ आपदामम हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम,लोकाभिरामं श्री रामं भूयो नामाम्यहम! श्री रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे,रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नम:!’। काले कुत्ते को सरसों का तेल लगाकर रोटी खिलाएं तुलसी के पास दीपक जलाएं।
हरियाली अमावस्या पर एेसे पूरी होगी मनोकामना

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140
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