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NEWSLIVE24x7 > Blog > Analysis > सहानुभूति लेने को हरदा की चिट्ठीः अवसादपूर्ण स्थिति है, गलतियों की सजा मिली है
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सहानुभूति लेने को हरदा की चिट्ठीः अवसादपूर्ण स्थिति है, गलतियों की सजा मिली है

Rajesh Pandey
Last updated: January 1, 2022 12:32 pm
Rajesh Pandey
4 years ago
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देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोशल मीडिया पर जो भी कुछ संवाद करते हैं, उसकी ध्वनि दूर तक जाती है। उत्तराखंड कांग्रेस से ज्यादा उनके फालोअर्स हैं। चुनाव के दौर में हरदा अपने मन की बात करते हैं और मार्मिक चिट्ठियां लिखकर जनता की सहानुभूति लेते हैं।
उनके सोशल मीडिया संवाद सियासी माहौल ही नहीं गरमाते, बल्कि उनको जनता से भी कनेक्ट करते हैं। नये साल की शुभकामनाएं देते हुए पूर्व सीएम रावत ने सोशल मीडिया पर लंबी चिट्ठी लिखी है, जिसमें स्वयं के जीवन में अवसादपूर्ण अध्याय होने की बात कहते हैं। वहीं, इस अध्याय को धोने के लिए 2022 को एक अवसर के रूप में देखते हैं।
हरदा ने चिट्ठी में क्या लिखा है, उन्हीं के शब्दों में-
रावत लिखते हैं, 2021 अपनी कई कष्टपूर्ण यादों को समेटे हुए विदा हो रहा है। मेरे लिए नये वर्ष का उदय एक हर वर्ष होने वाले वर्ष परिवर्तन से कुछ भिन्न अर्थ रखता है। सारे उत्तराखंड के लिए भी एक भिन्न महत्व रखता है, क्योंकि वर्ष 2022 में उत्तराखंड में विधानसभा के चुनाव होने हैं, एक नई विधानसभा अस्तित्व में आएगी, बहुमत वाला राजनैतिक दल सरकार का गठन करेगा।
  • हम शर्मिंदा हैंः उत्तराखंड की राजनीति में इस नये शब्द को लेकर
  • आईएफएस अफसर की चिट्ठी पर क्यों चुप है कांग्रेस?
मेरे लिए वर्ष 2022 में अपने राजनीतिक जीवन के साथ जुड़े हुए एक अवसादपूर्ण अध्याय को धोने का अवसर है। वह अवसादपूर्ण अध्याय है मुख्यमंत्री रहते – रहते विधानसभा सीटों से हारने का। वह अवसाद पूर्ण अध्याय है मेरे मुख्यमंत्री काल के दौरान पार्टी को विधानसभा में न्यूनतम संख्या 11 पर सिमटना पड़ा। मुझे इस अवसादपूर्ण स्थिति को उल्लास में बदलना है।

प्रिय भाई-बहनों एवं पार्टी के सहयोगी-साथियों,
अभी चंद मिनटों के बाद नये वर्ष, #वर्ष_2022 का उद्भव होगा। 2021 अपनी कई कष्टपूर्ण यादों को समेटे हुये विदा हो रहा है। मेरे लिए नए वर्ष का उदय एक हर वर्ष होने वाले वर्ष परिवर्तन से कुछ भिन्न अर्थ रखता है।
1/2 pic.twitter.com/6vcwcCVBw4

— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) December 31, 2021

Contents
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोशल मीडिया पर जो भी कुछ संवाद करते हैं, उसकी ध्वनि दूर तक जाती है। उत्तराखंड कांग्रेस से ज्यादा उनके फालोअर्स हैं। चुनाव के दौर में हरदा अपने मन की बात करते हैं और मार्मिक चिट्ठियां लिखकर जनता की सहानुभूति लेते हैं।उनके सोशल मीडिया संवाद सियासी माहौल ही नहीं गरमाते, बल्कि उनको जनता से भी कनेक्ट करते हैं। नये साल की शुभकामनाएं देते हुए पूर्व सीएम रावत ने सोशल मीडिया पर लंबी चिट्ठी लिखी है, जिसमें स्वयं के जीवन में अवसादपूर्ण अध्याय होने की बात कहते हैं। वहीं, इस अध्याय को धोने के लिए 2022 को एक अवसर के रूप में देखते हैं।हरदा ने चिट्ठी में क्या लिखा है, उन्हीं के शब्दों में-रावत लिखते हैं, 2021 अपनी कई कष्टपूर्ण यादों को समेटे हुए विदा हो रहा है। मेरे लिए नये वर्ष का उदय एक हर वर्ष होने वाले वर्ष परिवर्तन से कुछ भिन्न अर्थ रखता है। सारे उत्तराखंड के लिए भी एक भिन्न महत्व रखता है, क्योंकि वर्ष 2022 में उत्तराखंड में विधानसभा के चुनाव होने हैं, एक नई विधानसभा अस्तित्व में आएगी, बहुमत वाला राजनैतिक दल सरकार का गठन करेगा।मेरे लिए वर्ष 2022 में अपने राजनीतिक जीवन के साथ जुड़े हुए एक अवसादपूर्ण अध्याय को धोने का अवसर है। वह अवसादपूर्ण अध्याय है मुख्यमंत्री रहते – रहते विधानसभा सीटों से हारने का। वह अवसाद पूर्ण अध्याय है मेरे मुख्यमंत्री काल के दौरान पार्टी को विधानसभा में न्यूनतम संख्या 11 पर सिमटना पड़ा। मुझे इस अवसादपूर्ण स्थिति को उल्लास में बदलना है।बुरी पराजय के बावजूद भी मैंने 2017 में हौसला नहीं छोड़ा, पराजय के दूसरे दिन से ही मैं लोगों के विश्वास को जीतने में और कार्यकर्ताओं के मन में उत्साह भरने में जुट गया। परिणाम सार्थक हैं, आज उत्तराखंड, सरकार में परिवर्तन लाने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश है।रावत कहते हैं, पराजय में आप, मान-सम्मान गंवाने के साथ-साथ, कभी-कभी दोस्तों को भी गंवाते हैं, बहुत सारे लोग जिनका मेरे राजनीतिक जीवन की यात्रा में बड़ा योगदान रहा, उनका सहयोग मेरी राजनीति में सहायक रहा। आज मेरे साथ पहले की तरह मित्रवत भाव में खड़े नहीं हैं। राजनीति में ऐसा संभव है। लोग आगे बढ़ने के लिए हमेशा आपके साथ चलें, यह संभव ही नहीं है, मार्ग बदलते हैं, साथी भी नए ढूंढे जाते हैं।लगता है, मैंने 2014 व 2015-16 में कुछ ऐसी गलतियां की हैं, जिनका मुझे जनता ने भी दंड दिया और अब मेरे कुछ साथी भी मुझे अकल्पनीय स्थिति तक दंड देने को तैयार हैं।मैं नये वर्ष के आगमन के साथ राज्य की जनता-जनार्दन और अपने सभी सहयोगियों से भी प्रार्थना करना चाहूंगा कि जरा स्थितियों पर विचार करें, मेरे ऊपर आप गुस्सा हुए, मगर पिछले 5 वर्षों में राज्य को एक अक्षम सरकार मिली। उत्तराखंडियत की ओर बढ़ते हुए कदम रुक गए, लोगों के जीवन में आता हुआ बदलाव या तो ठहर गया या उसमें गिरावट आ गई, लोगों के कष्ट दूर होने के बजाय बढ़ गए।पूर्व सीएम कहते हैं, पांच साल राज्य को ऐसी सरकार मिली जो उत्तराखंड और उत्तराखंड के स्वाभिमान की रक्षा करने में अक्षम सिद्ध हुई है। हमारे साथियों को विचार करना चाहिए, हमारे सामने अवसर है कि हम एक व्यक्ति का दंड या एक व्यक्ति से कुछ गलतियां हुई हों, उनका दंड पार्टी को न दें।उन्होंने कहा, मन में गहरा चिंतन करें कि क्या हम साथ चलते हुए पार्टी की स्थिति में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं! मैंने भी अपने मन में बहुत मंथन किया, मैंने पाया है कि मेरे लिए यह वर्ष 2022 में सबसे बड़ा उपहार हो सकता है। कांग्रेस की सत्ता में पुनः वापसी, केवल इसलिए नहीं कि कांग्रेस सत्ता में आएगी, बल्कि इसके साथ वह अध्याय भी बंद हो जाएगा, जिस पर मेरे माथे पर मुख्यमंत्री रहते दो हारों का कलंक या पार्टी विधानसभा में न्यूनतम संख्या का दंश छिपा हुआ है।वो कहते हैं, मैं हर हालत में स्थिति को बदलना चाहता हूं, इसीलिए मैं प्रतिदिन अपनी सुबह को एक बाल सुलभ उत्साह के साथ शुरू करता हूं, मेरा वादा है कि हम सत्ता में वापसी के साथ उत्तराखंड को फिर से उसी गौरवपूर्ण संभावनाओं की ओर लेकर चलेंगे, जिस ओर चलते हुए हम उत्तराखंडियत के झंडे को बड़ी बुलंदियों तक लहरा सकते हैं।तो यह थी पूर्व सीएम हरीश रावत की चिट्ठी, जिसमें स्वयं से गलतियां होने की बात स्वीकार कीं। दो सीटों से हार से अवसाद का भी जिक्र किया है। रावत ने इस चिट्ठी को ठीक चुनाव के वक्त लिखा और इसको 2022 के चुनाव से जोड़ा भी है। वो जनता की सहानुभूति लेने के लिए पहले भी इस तरह संवाद करते रहे हैं। अब देखना यह है कि उनकी मार्मिक चिट्ठियां और ट्वीट चुनाव में कितना प्रभाव दिखाएंगे।
बुरी पराजय के बावजूद भी मैंने 2017 में हौसला नहीं छोड़ा, पराजय के दूसरे दिन से ही मैं लोगों के विश्वास को जीतने में और कार्यकर्ताओं के मन में उत्साह भरने में जुट गया। परिणाम सार्थक हैं, आज उत्तराखंड, सरकार में परिवर्तन लाने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश है।
रावत कहते हैं, पराजय में आप, मान-सम्मान गंवाने के साथ-साथ, कभी-कभी दोस्तों को भी गंवाते हैं, बहुत सारे लोग जिनका मेरे राजनीतिक जीवन की यात्रा में बड़ा योगदान रहा, उनका सहयोग मेरी राजनीति में सहायक रहा। आज मेरे साथ पहले की तरह मित्रवत भाव में खड़े नहीं हैं। राजनीति में ऐसा संभव है। लोग आगे बढ़ने के लिए हमेशा आपके साथ चलें, यह संभव ही नहीं है, मार्ग बदलते हैं, साथी भी नए ढूंढे जाते हैं।
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लगता है, मैंने 2014 व 2015-16 में कुछ ऐसी गलतियां की हैं, जिनका मुझे जनता ने भी दंड दिया और अब मेरे कुछ साथी भी मुझे अकल्पनीय स्थिति तक दंड देने को तैयार हैं।
मैं नये वर्ष के आगमन के साथ राज्य की जनता-जनार्दन और अपने सभी सहयोगियों से भी प्रार्थना करना चाहूंगा कि जरा स्थितियों पर विचार करें, मेरे ऊपर आप गुस्सा हुए, मगर पिछले 5 वर्षों में राज्य को एक अक्षम सरकार मिली। उत्तराखंडियत की ओर बढ़ते हुए कदम रुक गए, लोगों के जीवन में आता हुआ बदलाव या तो ठहर गया या उसमें गिरावट आ गई, लोगों के कष्ट दूर होने के बजाय बढ़ गए।
पूर्व सीएम कहते हैं, पांच साल राज्य को ऐसी सरकार मिली जो उत्तराखंड और उत्तराखंड के स्वाभिमान की रक्षा करने में अक्षम सिद्ध हुई है। हमारे साथियों को विचार करना चाहिए, हमारे सामने अवसर है कि हम एक व्यक्ति का दंड या एक व्यक्ति से कुछ गलतियां हुई हों, उनका दंड पार्टी को न दें।
उन्होंने कहा, मन में गहरा चिंतन करें कि क्या हम साथ चलते हुए पार्टी की स्थिति में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं! मैंने भी अपने मन में बहुत मंथन किया, मैंने पाया है कि मेरे लिए यह वर्ष 2022 में सबसे बड़ा उपहार हो सकता है। कांग्रेस की सत्ता में पुनः वापसी, केवल इसलिए नहीं कि कांग्रेस सत्ता में आएगी, बल्कि इसके साथ वह अध्याय भी बंद हो जाएगा, जिस पर मेरे माथे पर मुख्यमंत्री रहते दो हारों का कलंक या पार्टी विधानसभा में न्यूनतम संख्या का दंश छिपा हुआ है।
वो कहते हैं, मैं हर हालत में स्थिति को बदलना चाहता हूं, इसीलिए मैं प्रतिदिन अपनी सुबह को एक बाल सुलभ उत्साह के साथ शुरू करता हूं, मेरा वादा है कि हम सत्ता में वापसी के साथ उत्तराखंड को फिर से उसी गौरवपूर्ण संभावनाओं की ओर लेकर चलेंगे, जिस ओर चलते हुए हम उत्तराखंडियत के झंडे को बड़ी बुलंदियों तक लहरा सकते हैं।
तो यह थी पूर्व सीएम हरीश रावत की चिट्ठी, जिसमें स्वयं से गलतियां होने की बात स्वीकार कीं। दो सीटों से हार से अवसाद का भी जिक्र किया है। रावत ने इस चिट्ठी को ठीक चुनाव के वक्त लिखा और इसको 2022 के चुनाव से जोड़ा भी है। वो जनता की सहानुभूति लेने के लिए पहले भी इस तरह संवाद करते रहे हैं। अब देखना यह है कि उनकी मार्मिक चिट्ठियां और ट्वीट चुनाव में कितना प्रभाव दिखाएंगे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

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