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हरीश रावत ने हरिद्वार के स्ट्रांग रूम को लेकर यह कहा

तीन-तीन बार स्ट्रांग रूम के कैमरे बंद होने से बहुत गंभीर संदेह होता हैः रावत

देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार में स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरे तीन बार बंद होने की बात की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, क्या चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी इस तथ्य का संज्ञान लेंगे कि हरिद्वार के अंदर स्ट्रांग रूम में लगे हुए सी.सी. टी.वी. कैमरे तीन बार अभी तक बंद हो चुके हैं।
https://twitter.com/harishrawatcmuk/status/1501578592341610502
उन्होंने कहा, लोगों को पुख्ता तौर पर संदेह है कि राज्य सरकार की प्रतिष्ठा एक-दो मामलों में दांव पर लगी हुई है। इसलिए येन-केन प्रकारेण से चुनाव जीतने का प्रयास कर रहे हैं। कम से कम चुनाव की निष्पक्षता को और इस तरीके से स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरे बंद होने लग जाएंगे वो भी एक बार कोई संयोग मान लिया जाएगा, मगर यह तीन-तीन बार ऐसा होना यह बहुत गंभीर संदेह को पैदा करता है।
https://twitter.com/harishrawatcmuk/status/1501578595327946753

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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