किसान और बूढ़ा खच्चर

Rajesh Pandey

किसी गांव में एक किसान रहता था। उसके पास एक बूढ़ा खच्चर था। एक दिन गलती से खच्चर किसान के कुएं में गिर गया। किसान ने उसको कराहता हुआ देखा तो उसको दया आ गई, लेकिन उसने सोचा कि यदि उसने खच्चर को बचा भी लिया तो इसके बाकी के दिन कष्ट में ही बीतेंगे। यदि इसको कुएं से बाहर नहीं निकाला तो बदबू आएगी। कुआं तो वैसे भी काफी पुराना है, इसमें पानी भी नहीं है। 

उसने तय कर लिया कि बूढ़े खच्चर और बिना पानी वाले पुराने कुएं को बचाने में कोई फायदा नहीं है। उसने अपने साथियों को बुलाया और कुएं को मिट्टी से भरने के लिए मदद मांगी। किसान और उसके साथियों को कुएं में मिट्टी फेंकता देख खच्चर ने मान लिया कि अब मृत्यु नजदीक है। क्योंकि कुएं से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। इस पर उसने फैसला किया कि क्यों न अपने प्रयास तेज कर दिए जाएं।

वह कुएं में डाली जा रही मिट्टी से बचकर उसकी सतह को ऊंचा करने में जुटा रहा। जैसे-जैसे कुएं में मिट्टी की सतह ऊंची होती गई, वैसे-वैसे खच्चर उसके साथ ऊपर आता गया। एक समय ऐसा भी आय़ा कि कुआं मिट्टी से भर गया और खच्चर बाहर निकल आया। अंततः खच्चर कुएं से ठीक उसी तरह बाहर निकला, जैसे कोई योद्धा किसी जंग को जीतकर आता है। 

यहां कहने का मतलब है कि जिंदगी में निर्णायक संघर्ष में भी हौसला नहीं खोना चाहिए। भले ही सभी परिस्थितियां विपरीत ही क्यों न हों। क्योंकि विपरीत परिस्थितियां भी अवसर लेकर आती हैं। जरूरत है तो उनको पहचानने की। यह तभी हो सकेगा, जब हमारा नजरिया सकारात्मक होगा।  (अनुवादित)

 

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *