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Reading: कबूतर ने बचाई अपने दोस्त मुर्गे की जान
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NEWSLIVE24x7 > Blog > Featured > कबूतर ने बचाई अपने दोस्त मुर्गे की जान
FeaturedShort story- Moral Values

कबूतर ने बचाई अपने दोस्त मुर्गे की जान

Rajesh Pandey
Last updated: April 21, 2018 11:33 pm
Rajesh Pandey
8 years ago
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Short stories
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किसी गांव के पास जंगल में एक लोमड़ रहता था। वह जंगल से बाहर आकर गांव में रहने वाले मुर्गे मुर्गियों, बत्तखों और अन्य पक्षियों का शिकार करता था। अक्सर मुर्गी के बच्चों पर झपट जाता। लोमड़ की इस आदत से सभी पक्षी परेशान थे। एक दिन लोमड़ यूं ही गांव में टहल रहा था कि अचानक उसकी नजर लाल पंखों वाले मोटे मुर्गे पर पड़ी।

लोमड़ तुरंत अपने घर पहुंचा और अपनी पत्नी से कहा, तुम चिकन के लिए पानी उबलने रख दो। लाल पंखों वाला मोटा मुर्गा अब जल्द ही मेरी पकड़ में होगा। बहुत स्वादिष्ट होगा यह मुर्गा। उसकी बात सुनकर लोमड़ी के मुंह में भी पानी आ गया। उसने तुरंत बर्तन में पानी भरा और उबलने के लिए चूल्हे पर रख दिया।

लोमड़ ने अपने घर से एक बोरी उठाई और गांव की ओर दौड़ पड़ा। उसने मौका पाकर लाल पंखों वाले मुर्गे को बोरे में बंद कर दिया। बोरे में बुरी तरह बेचैन मुर्गे ने समझा कि अब जिंदगी खत्म हो गई। वह जल्द से जल्द बोरे से बाहर आना चाहता था, लेकिन वह कुछ नहीं कर सकता था। उसके पास अपनी जान बचाने के लिए कोई रास्ता नहीं था।

वो तो अच्छा हुआ कि पड़ोस में रहने वाले कबूतर ने लोमड़ को देख लिया था कि वह मुर्गे को बोरे में बंद कर रहा है। उसने मुर्गे को बचाने का तरीका सोचना शुरू कर दिया। लाल पंखों वाले मुर्गे और कबूतर के बीच गहरी दोस्ती थी। लोमड़ मुर्गे को लेकर अपने घर की ओर जा रहा था कि अचानक कबूतर अपने पंखों को फड़फड़ाता हुआ जमीन पर आ गिरा।

लोमड़ ने कबूतर को जमीन पर गिरते देख लिया। उसने सोचा, अरे, यह कबूतर तो बिना किसी मेहनत के मिल गया। लोमड़ी कई दिनों से कबूतर का सूप पीने की जिद कर रही है। अब उसकी यह इच्छा भी पूरी हो गई। मुर्गे को खाने से पहले कबूतर का सूप पीएंगे। आज के डिनर में एक से बढ़कर एक स्वादिष्ट व्यंजन।

लोमड़ ने मुर्गे वाले बोरे को जमीन पर पटका और कबूतर को उठाने के लिए तेजी से दौड़ा। उसके नजदीक पहुंचते ही कबूतर ने उड़ान भर ली। लोमड़ ने कुछ दूरी तक कबूतर का पीछा किया। कबूतर उसके हाथ आने से रहा। उधर, मुर्गा भी मौका मिलते ही बोरे से निकलकर भाग लिया। मुर्गे ने बोरे में बड़ा सा पत्थर रख दिया। निराश होकर लौटे लोमड़ ने बोरा उठाया और अपने घर की ओर चल दिया। उसने सोचा, चलो कोई बात नहीं, कबूतर का सूप किसी और दिन पी लेंगे। आज मोटे ताजे मुर्गे का चिकन खाया जाए।

वह घर पहुंचा और बिना देखे बोरे का मुंह चूल्हे पर रखे उस बर्तन पर खोल दिया, जिसमें पानी उबल रहा था। बोरे से निकला पत्थर उबलते पानी में गिर गया। गर्म पानी लोमड़ के मुंह पर आ गिरा। लोमड़ बुरी तरह झुलस गया। वहीं उसको लोमड़ी की डांट भी खानी पड़ी। लोमड़ी कह रहा थी कि कहां गया मोटा ताजा लाल पंखों वाला मुर्गा। क्या चिकन बनाने के लिए यह पत्थर लाए हो। लोमड़ निराश होकर रह गया। वहीं मुर्गा जान बचाने के लिए अपने दोस्त कबूतर को बार-बार थैंक्स कह रहा था।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

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