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The Sukanya Samriddhi Yojana: बेटियों के लिए समर्पित सुकन्या समृद्धि योजना के 11 वर्ष पूरे, जानिए विस्तार से जानकारी

The Sukanya Samriddhi Yojana: 22 जनवरी 2026 को सुकन्या समृद्धि योजना के 11 वर्ष पूरे हो गए। शुरुआत से अब तक 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। क्या आप जानते हैं? बेटियों के लिए समर्पित बचत योजनाओं में वर्तमान ब्याज दर 8.2%  प्रति वर्ष है, जो बेटियों के लिए समर्पित बचत योजनाओं में कम जोखिम वाली जमा योजना है, जिसमें सरकार मूलधन की गारंटी देती है और ब्याज का भुगतान प्रत्येक तिमाही में निर्धारित दरों के अनुसार वार्षिक रूप से किया जाता है। एसएसवाई खातों दिसंबर 2025 तक कुल जमा राशि 3,33,000 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।

इस योजना का मकसद बालिकाओं की शिक्षा और विवाह के खर्चों को पूरा करना है। शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर, यह पहल महिला सशक्तिकरण को मजबूत करती है और भविष्य में आत्मनिर्भरता की परिकल्पना में योगदान देती है।

सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) खाता क्या है और इसे कौन खोल सकता है?

The Sukanya Samriddhi Yojana: एसएसवाई खाता वह खाता है, जिसमें एसएसवाई योजना के तहत जमा की गई धनराशि रखी जाती है। माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपनी भारतीय बालिका के लिए किसी भी भारतीय डाकघर या किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और अधिकृत निजी क्षेत्र के बैंकों (एचडीएफसी बैंकएक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक) की शाखा में खाता खोल सकते हैं।

  • यह खाता बालिका के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक कभी भी खोला जा सकता है।
  • एक बालिका का केवल एक एसएसवाई खाता खोला जा सकता है और एक परिवार अधिकतम दो बालिकाओं के लिए खाते खोल सकता है। हालांकि, जुड़वां या तीन जुड़वां बच्चों के मामले में, संबंधित जन्म प्रमाण पत्र के साथ शपथ पत्र जमा करने पर दो से अधिक खाते खोलने की अनुमति है।
  • यह खाता भारत में किसी भी स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है।

खास बात ये है कि जब तक बालिका 18 वर्ष की नहीं हो जाती, तब तक खाता माता-पिता/अभिभावक द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इससे अभिभावक बचत की निगरानी कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि धनराशि का उपयोग बालिका की शिक्षा और भविष्य की ज़रुरतों के लिए प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। 18 वर्ष की आयु होने परखाताधारक ज़रुरी दस्तावेज जमा करके स्वयं खाते का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है।

खाता खोलने के लिए कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?

The Sukanya Samriddhi Yojana: एसएसवाई खाता खोलने के लिए चार मुख्य दस्तावेज आवश्यक हैं:

  • सुकन्या समृद्धि खाता खोलने का फॉर्म, जो बैंकों/डाकघरों में उपलब्ध है
  • बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
  • भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार संख्या
  • स्थायी खाता संख्या या आयकर नियमों में परिभाषित फॉर्म 60

एसएसवाई खाते के लिए कितनी जमा राशि ज़रुरी है?

माता-पिता और अभिभावक एसएसवाई खाते में न्यूनतम 250 रुपए की प्रारंभिक जमा राशि से शुरुआत कर सकते हैं और बाद की जमा राशि 50 रुपए के गुणकों में की जा सकती है, बशर्ते कि एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 250 रुपए जमा किए जाएं। कुल वार्षिक जमा सीमा 1,50,000 रुपए है, इससे अधिक राशि पर ब्याज नहीं मिलेगा और उसे वापस कर दिया जाएगा। खाता खोलने की तारीख से अधिकतम 15 वर्षों की अवधि के लिए जमा राशि जमा की जा सकती है।

ब्याज की गणना कैसे की जाती है?

ब्याज की गणना हर महीने की जाती है और प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में इसे खाते में जमा कर दिया जाता है। यदि खाता वर्ष के दौरान किसी अन्य बैंक या डाकघर में स्थानांतरित भी कर दिया जाता है, तब भी वित्तीय वर्ष के अंत में ब्याज जमा कर दिया जाता है, जिससे बालिका की बचत में स्थिर और सुरक्षित वृद्धि सुनिश्चित होती है।

एसएसवाई खाते से पैसे कैसे निकाले जा सकते हैं?

खाताधारक पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में उपलब्ध शेष राशि का 50% तक शैक्षिक उद्देश्यों के लिए निकाल सकता है। यह सुविधा खाताधारक के अठारह वर्ष की आयु प्राप्त करने या दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर, जो भी पहले हो, उपलब्ध हो जाती है। आवेदन करने के लिए, खाताधारक को ज़रुरी दस्तावेजों, जैसे कि प्रवेश का पुष्ट प्रस्ताव या शैक्षणिक संस्थान द्वारा जारी शुल्क पर्ची जिसमें ज़रुरी खर्चों का ज़िक्र हो, के साथ एक औपचारिक आवेदन जमा करना होगा।

निकासी एकमुश्त या किश्तों में की जा सकती है, लेकिन अधिकतम पाँच वर्षों की अवधि के लिए प्रति वर्ष एक बार निकासी की जा सकती है। सभी मामलों में, निकाली गई राशि जमा किए गए दस्तावेजों में दर्शाए गए वास्तविक शुल्क से अधिक नहीं होनी चाहिए।

एसएसवाई खाता कब मैच्योर होता है? क्या इसे समय से पहले बंद किया जा सकता है?

एसएसवाई खाता खुलने की तारीख से इक्कीस वर्ष पूरे होने पर परिपक्व हो जाता है। खाते को समय से पहले बंद करने की अनुमति केवल विशिष्ट परिस्थितियों में ही दी जाती है:

जब खाताधारक का विवाह खाते की परिपक्वता अवधि से पहले होने वाला हो • खाताधारक को एक आवेदन पत्र के साथ गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर एक घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो नोटरी द्वारा विधिवत सत्यापित हो । इसके अलावा उसे आयु का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, ताकि ये पुष्टि हो सके कि विवाह की तिथि पर उनकी आयु कम से कम अठारह वर्ष होगी।

• खाता विवाह से एक माह पहले या विवाह के तीन माह बाद तक ही बंद किया जा सकता है। अनुमोदन प्राप्त होने पर, खाताधारक लागू ब्याज सहित शेष राशि निकालने के लिए आवेदन कर सकता है, जिससे उसे समय पर धनराशि मिल सके।

 

खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में

• सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र और आवेदन प्रस्तुत करने पर खाता तुरंत बंद किया जा सकता है।

• मृत्यु की तिथि तक अर्जित ब्याज सहित शेष राशि अभिभावक को भुगतान की जाएगी।

• मृत्यु की तिथि और खाता बंद होने की तिथि के बीच की अवधि के लिए ब्याज की गणना डाकघर बचत खातों पर लागू दर पर की जाएगी।

हालांकि, खाता खोलने की तारीख से, पहले पांच वर्षों के भीतर समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति नहीं है।

सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के लिए एक स्मार्ट विकल्प क्यों है?

सरकार द्वारा समर्थित एक प्रसिद्ध बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के लिए दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के मकसद से बनाई गई है। यह योजना उच्च रिटर्न, कर लाभ और शिक्षा तथा भविष्य की जरूरतों के लिए सरल निकासी विकल्प प्रदान करती है। यह बालिकाओँ के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई लाभ प्रदान करती है:

  • यह योजना आकर्षक ब्याज दर प्रदान करती है, जिसे वित्त मंत्रालय द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किया जाता है, जिससे बचत समय के साथ स्थिर रूप से बढ़ती है।
  • योजना के तहत किए गए निवेश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत कर लाभ के पात्र हैं।
  • जमा राशि की सीमा काफी है, जिसमें न्यूनतम वार्षिक योगदान 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए है। इसके अलावा, आंशिक निकासी की सुविधा भी उपलब्ध है।
  • यदि खाता परिपक्वता पर भी बंद नहीं किया जाता है, तब भी इस पर डाकघर बचत खाते पर लागू दर से ब्याज मिलता रहता है।

स्रोतः पीआईबी

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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