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चमोली जिला में ग्लेशियर टूटने से भारी क्षति, सरकार मुस्तैद, हेल्प लाइन नंबर जारी किए, अफवाहें न फैलाएं

Rajesh Pandey
Last updated: February 7, 2021 2:47 pm
Rajesh Pandey
5 years ago
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देहरादून। चमोली जिला में तपोवन रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी क्षति पहुंची है। वहीं अलकनंदा नदी में जल स्तर बढ़ गया है। शासन एवं प्रशासन ने अलकनंदा नदी किनारे रह रहे लोगों से अतिशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा की सूचना के सम्बंध में मैंने मुख्यमंत्री @tsrawatbjp जी, DG ITBP व DG NDRF से बात की है। सभी सम्बंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। NDRF की टीमें बचाव कार्य के लिए निकल गयी हैं। देवभूमि को हर सम्भव मदद दी जाएगी।

— Amit Shah (@AmitShah) February 7, 2021

Contents
देहरादून। चमोली जिला में तपोवन रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी क्षति पहुंची है। वहीं अलकनंदा नदी में जल स्तर बढ़ गया है। शासन एवं प्रशासन ने अलकनंदा नदी किनारे रह रहे लोगों से अतिशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं। आप 1905 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।वहीं उत्तराखंड पुलिस ने एक ट्वीट में कहा है कि कृपया संयम बनाये रखें। राहत एवं बचाव कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। एसडीआरएफ की पांच टीमों को घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया है। अन्य सभी टीमों को अलर्ट किया गया है। सोशल मीडिया एवं अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से लोगों से नदी किनारे वाले क्षेत्रों से हटने की अपील लगातार की जा रही है। पुलिस ने भी हेल्प लाइन नंबर जारी किए हैं।अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 या डायल 112 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं।उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट किया है कि किसी भी आपातकाल की स्थिति से बचने के लिए हमें सतर्क रहना होगा। नदी के आसपास के लोगों से अपील है कि बेचैन न हों। शांत दिमाग़ से और सूझबूझ से काम लें। ख़ुद को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ, जबतक ख़तरे का अंदेशा है।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।उधर, गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि उन्होंने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा की सूचना के सम्बंध में मुख्यमंत्री रावत, आईटीबीपी तथा एनडीआरएफ के महानिदेशकों से बात की है। सभी सम्बंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य के लिए निकल गई हैं। देवभूमि को हरसम्भव मदद दी जाएगी।चमोली जिला पुलिस ने ट्वीट किया है कि तपोवन रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर आने के कारण ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को क्षति पहुँचने की सूचना दी है,जिससे नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है,ज़िस कारण अलकनंदा नदी किनारे रह रहे लोगों से अपील है कि अतिशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।https://twitter.com/chamolipolice/status/1358297615931084802ट्विटर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चमोली ज़िला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने की आदेश दे दिए हैं। किसी भी प्रकार की अफ़वाहों पर ध्यान ना दें । सरकार सभी ज़रूरी कदम उठा रही है।उन्होंने बताया कि चमोली के रिणी गांव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से क्षति की संभावना है। नदी में अचानक पाने आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है। नदी किनारे बसे लोगों को क्षेत्र से हटाया जा रहा है।एहतियातन भागीरथी नदी का फ्लो रोक दिया गया है। अलकनन्दा का पानी का बहाव रोका जा सके, इसलिए श्रीनगर डैम तथा ऋषिकेश डैम को खाली करवा दिया है। एसडीआरएफ अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि अफवाहें न फैलाएं। सरकारी प्रमाणिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें। वह स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहे हैं।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्विट किया है कि राहत की खबर यह है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से अब एक मीटर ऊपर है, लेकिन बहाव कम होता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है।एक अन्य ट्विट में उन्होंने कहा कि अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं। आप 1905 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।
अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं। आप 1905 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।

तपोवन में रेस्क्यू कार्य जारी।

पुलिस प्रसाशन मोके पर। pic.twitter.com/OuQT3wEVz5

— Chamoli Police Uttarakhand (@chamolipolice) February 7, 2021

वहीं उत्तराखंड पुलिस ने एक ट्वीट में कहा है कि कृपया संयम बनाये रखें। राहत एवं बचाव कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। एसडीआरएफ की पांच टीमों को घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया है। अन्य सभी टीमों को अलर्ट किया गया है। सोशल मीडिया एवं अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से लोगों से नदी किनारे वाले क्षेत्रों से हटने की अपील लगातार की जा रही है। पुलिस ने भी हेल्प लाइन नंबर जारी किए हैं।

अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 या डायल 112 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं।

— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) February 7, 2021

अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 या डायल 112 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं।
उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट किया है कि किसी भी आपातकाल की स्थिति से बचने के लिए हमें सतर्क रहना होगा। नदी के आसपास के लोगों से अपील है कि बेचैन न हों। शांत दिमाग़ से और सूझबूझ से काम लें। ख़ुद को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ, जबतक ख़तरे का अंदेशा है।

कृपया संयम बनाये रखें। राहत एवं बचाव कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।#Chamoli #UttarakhandPolice pic.twitter.com/Bw4317JwdE

— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) February 7, 2021

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
उधर, गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि उन्होंने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा की सूचना के सम्बंध में मुख्यमंत्री रावत, आईटीबीपी तथा एनडीआरएफ के महानिदेशकों से बात की है। सभी सम्बंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य के लिए निकल गई हैं। देवभूमि को हरसम्भव मदद दी जाएगी।

किसी भी आपातकाल की स्थिति से बचने के लिए हमें सतर्क रहना होगा। नदी के आसपास के लोगों से अपील है कि बेचैन न हों। शांत दिमाग़ से और सूझबूझ से काम लें। ख़ुद को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ जबतक ख़तरे का अंदेशा है। pic.twitter.com/SP7a407YAh

— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) February 7, 2021

चमोली जिला पुलिस ने ट्वीट किया है कि तपोवन रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर आने के कारण ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को क्षति पहुँचने की सूचना दी है,जिससे नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है,ज़िस कारण अलकनंदा नदी किनारे रह रहे लोगों से अपील है कि अतिशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
https://twitter.com/chamolipolice/status/1358297615931084802
ट्विटर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चमोली ज़िला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने की आदेश दे दिए हैं। किसी भी प्रकार की अफ़वाहों पर ध्यान ना दें । सरकार सभी ज़रूरी कदम उठा रही है।

https://twitter.com/uttarakhandcops/status/1358322214634811396

उन्होंने बताया कि चमोली के रिणी गांव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से क्षति की संभावना है। नदी में अचानक पाने आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है। नदी किनारे बसे लोगों को क्षेत्र से हटाया जा रहा है।
एहतियातन भागीरथी नदी का फ्लो रोक दिया गया है। अलकनन्दा का पानी का बहाव रोका जा सके, इसलिए श्रीनगर डैम तथा ऋषिकेश डैम को खाली करवा दिया है। एसडीआरएफ अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि अफवाहें न फैलाएं। सरकारी प्रमाणिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें। वह स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्विट किया है कि राहत की खबर यह है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से अब एक मीटर ऊपर है, लेकिन बहाव कम होता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है।

राहत की खबर ये है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से अब 1 मीटर ऊपर है लेकिन बहाव कम होता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है। pic.twitter.com/MoY3LX49rF

— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) February 7, 2021

एक अन्य ट्विट में उन्होंने कहा कि अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं। आप 1905 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

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