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नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर जारी

  • 11वीं और 12वीं कक्षा और विषयों के लिए वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर जल्‍द ही जारी किया जाएगा : रमेश पोखरियाल ‘निशंक’
नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने नई दिल्ली में माध्यमिक स्तर नौवीं तथा दसवीं कक्षा के लिए वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह कैलेंडर शिक्षकों को दिशा निर्देश देता है कि किस प्रकार विभिन्न तरह के प्रौद्योगिकीय और सोशल मीडिया उपकरणों का उपयोग करके घर पर ही बच्चों को उनके अभिभावकों की मदद से आनंददायक और रुचिपूर्ण ढंग से शिक्षा दे सकें। हालांकि, इसमें उपकरणों के विभिन्न स्तरों-मोबाइल, रेडियो, टेलीविजन, एसएमएस और विभिन्न सोशल मीडिया तक पहुंच को ध्यान में रखा गया है।

केद्रीय मंत्री पोखरियाल ने कहा कि यह हो सकता है कि हम में से कई लोगों के मोबाइल फोन में इंटरनेट की सुविधा न हो और हम सोशल मीडिया उपकरणों जैसे – व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, गूगल का उपयोग नहीं कर पाएं। इसलिए यह कैलेंडर इस बात के दिशा निर्देश देता है कि शिक्षक, विद्यार्थियों का मार्गदर्शन मोबाइल पर एसएमएस भेजकर या फोन कॉल से कर सकते है। इस कैलेंडर को लागू करने में प्राथमिक स्तर पर माता-पिता से छात्रों की मदद करने की अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा कि जल्द ही बाकि कक्षाएं 11वीं तथा 12वीं और सभी विषय इस कैलेंडर में शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा यह कैलेंडर दिव्यांग बच्चों सहित सभी बच्चों के सीखने की ज़रूरत का ध्यान रखेगा। ऑडियो बुक्स, रेडियो कार्यक्रमों आदि के लिए लिंक को शामिल किया जाएगा।

पोखरियाल ने कहा कि इस कैलेंडर में सप्ताहवार योजना दी गई है और इसमें पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक के अध्याय या विषय से संबंधित रुचिकर और चुनौतीपूर्ण गतिविधियां सम्मिलित हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन गतिविधियों की मैपिंग सीखने के प्रतिफलों के साथ की गई है। सीखने के प्रतिफलों की सहायता से न केवल अभिभावक और शिक्षक बच्चों के सीखने की प्रगति देख सकेंगे बल्कि पाठ्य पुस्तकों से परे जाकर बच्चों को सीखने के लिए अभिप्रेरित कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इसमें अनुभव आधारित शिक्षण के लिए योग सहित कला शिक्षा तथा शारीरिक शिक्षा से संबंधित गतिविधियां भी दी गई हैं। इस कैलेंडर में कक्षावार और विषयवार गतिविधियाँ सारणीबद्ध रूप में शामिल की गई हैं। तनाव और चिंता को दूर करने के तरीके भी सुझाए गए हैं। इस कैलेंडर में चार भाषा विषयों को शामिल किया गया है- संस्कृत, उर्दू, हिन्दी एवं इंग्लिश। उन्होंने बताया कि इसमें ई-पाठशाला, एनआरओईआर और दीक्षा पोर्टल पर अध्यायवार दी गई ई-सामग्री के लिंक्स को भी शामिल किया गया है।

ये सभी गतिविधियाँ सुझावात्मक है न की आदेशात्मक और इसमें क्रम की भी कोई बाध्यता नहीं है। शिक्षक और अभिभावक क्रम का ध्यान दिए बिना विद्यार्थी की रुचि वाली गतिविधियों का चयन कर सकते हैं।

एनसीईआरटी ने टीवी चैनल स्वयंप्रभा (किशोर मंच) (फ्री डीटीएच चैनल #128, डिश टीवी चैनल # 950, सनडायरेक्ट # 793, जिओ  टीवी, टाटा स्काई  # 756, एयरटेल चैनल # 440, वीडियोकॉन चैनल # 477), किशोर मंच एप (प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है) और यूट्यूब लाइव (एनसीईआरटी आधिकारिक चैनल।) के माध्यम से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ लाइव इंटरेक्टिव सत्र शुरू कर दिया है।

सोमवार से शनिवार इन सत्रों का प्रसारण प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्राथमिक कक्षाओं के लिए और अपराह्न 2:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक उच्च प्राथमिक कक्षाओं के किया जा रहा और जल्द ही माध्यमिक स्तर के सुबह 9 बजे से 11 बजे तक किया जाएगा।

दर्शकों के साथ बातचीत करने के अलावा, इन लाइव सत्रों में विषयों के शिक्षण के साथ-साथ व्यवहारिक गतिविधियां भी दिखाई जा रही हैं। इस कैलेंडर का प्रसार एससीईआरटी/एसआईई, राज्यों के शिक्षा निदेशालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, तथा  सीबीएसई, राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड, आदि के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों, शिक्षकों,स्कूल के प्राचार्यों और अभिभावकों को सशक्त करेगा, ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग घर-घर में स्कूली शिक्षा द्वारा बच्चों के सीखने के परिणामों को बढ़ाने में करते हुए कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करने के सकारात्मक तरीकों को तलाशेगा।

प्राथमिक स्तर (कक्षा I से V) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा VI  से VIII) के लिए वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री द्वारा अप्रैल 2020 में जारी किया गया।

9वीं और 10वीं कक्षा के लिए वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर अंग्रेजी में देखने के लिए यहां क्लिक कीजिए 

9वीं और 10वीं कक्षा के लिए वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर हिंदी में देखने के लिए यहां क्लिक कीजिए 

 

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन किया। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते थे, जो इन दिनों नहीं चल रहा है। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन किया।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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