Uttarakhand: AIIMS Rishikesh की ड्रोन सेवा दूरस्थ गांवों के मरीजों के लिए पहुंचा रही दवा

Rajesh Pandey

ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश की नियमित ड्रोन सेवा उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों के उपचार में मददगार साबित हो रही है। इस सेवा के माध्यम से न सिर्फ मरीजों को अपने गांव के पास के अस्पतालों से ड्रोन के जरिए भेजी गई दवा मिल पा रही है, बल्कि ओपीडी फॉलोअप के लिए एम्स ऋषिकेश आवागमन पर होने वाले आर्थिक नुकसान व समय की भी बचत हो पा रही है। इसी क्रम में एम्स की ओर से अपनी नियमित ड्रोन सेवा के माध्यम से टिहरी जनपद के तीन मरीजों को टीबी की दवा उपलब्ध कराई गई और एक टीबी पेशेंट का सैंपल जांच के लिए संस्थान में मंगाया गया।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर( डॉ. ) मीनू सिंह के कुशल मार्गदर्शन में एम्स, ऋषिकेश ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दे रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को टिहरी जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले तीन टीबी ग्रसित मरीजों के लिए जिला राजकीय अस्पताल, नई टिहरी में ड्रोन के जरिए दवा भेजी गई।

संस्थान के ड्रोन सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र गैरोला ने बताया, इस दौरान ड्रोन के जरिए ऐसे तीन टीबी ग्रसित मरीजों को एम्स ने ड्रोन के जरिए दवा उपलब्ध कराई है, जिन्हें वहां से सड़क मार्ग से ओपीडी फालोअप व टीबी की दवा लेने के लिए एम्स, ऋषिकश आना पड़ता था। इन मरीजों को टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से पल्मोनरी मेडिसिन की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रूचि दुआ ने चिकित्सकीय परामर्श भी दिया। इस दौरान ड्रोन के माध्यम से एक टीबी से पीड़ित पेंशेंट का स्पूटम सैंपल भी एम्स अस्पताल में जांच के लिए लाया गया है।

एम्स हेलीपैड से पूर्वाह्न 11.30 बजे ड्रोन सेवा को जिला अस्पताल, बौराड़ी नई टिहरी रवाना किया गया। फ्लाइट 35 मिनट में 48 किलोमीटर की दूरी तय कर दोपहर 12.05 बजे  जिला चिकित्सालय पहुंची, जबकि वापसी टीबी पेंशेंट के स्पूटम सैंपल के साथ 12.45 पर वहां से रवाना हुई और दोपहर 1.20 बजे एम्स हेलीपैड पर पहुंची।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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