AIIMS Rishikesh Telemedicine Services: तीन साल में 46 हजार से अधिक रोगियों को सलाह

घर बैठे चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एम्स ने वर्ष 2018 में टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत की थी। 5 अगस्त 2023 को संस्थान में 'डिपार्टमेंट ऑफ टेलीमेडिसिन एंड बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स' की स्थापना के बाद इसे एक पृथक और सुव्यवस्थित विभाग का रूप दे दिया गया। इससे सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे मरीजों के लिए परामर्श लेना सुगम हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप लाभार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।

Rajesh Pandey
AIIMS Rishikesh Building

AIIMS Rishikesh Telemedicine Services

  • टेली-कंसल्टेंसी और ‘ई-संजीवनी’ से घर बैठे मिल रही विशेषज्ञ सलाह

एम्स ऋषिकेश दिनांक: 14 अप्रैल 2026: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य परामर्श पहुँचाकर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में, संस्थान ने न केवल अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का लक्ष्य रखा, बल्कि तकनीक आधारित चिकित्सा की चुनौतियों को दूर करने को भी प्राथमिकता दी है।

घर बैठे चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एम्स ने वर्ष 2018 में टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत की थी। 5 अगस्त 2023 को संस्थान में ‘डिपार्टमेंट ऑफ टेलीमेडिसिन एंड बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स’ की स्थापना के बाद इसे एक पृथक और सुव्यवस्थित विभाग का रूप दे दिया गया। इससे सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे मरीजों के लिए परामर्श लेना सुगम हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप लाभार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।

वर्तमान में संस्थान द्वारा टेली-एजुकेशन और टेली-परामर्श, दो प्रमुख सुविधाएं संचालित की जा रही हैं। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए एम्स की यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। पिछले 3 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 46,189 से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं।

ऐसे मिलेगा सेवा का लाभ

टेली-कंसल्टेशन के लिए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर महत्वपूर्ण टेलीफोन नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके स्वास्थ्य संबंधी सलाह ली जा सकती है। इसके अतिरिक्त, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से वीडियो कॉल द्वारा विशेषज्ञों से सीधे संवाद की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

महत्वपूर्ण संपर्क नंबर

  • ट्रॉमा टेलीमेडिसिन (टोल फ्री): 1800-180-4278

  • इमरजेंसी टेलीमेडिसिन: 7060005829, 0135-2462503

  • टेलीमेडिसिन फॉलोअप: 7302895044

  • आई बैंक (Eye Bank): 9068563883, 0135-2460835

इन विभागों में उपलब्ध है परामर्श

एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सक विभिन्न विभागों में ऑनलाइन सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, बाल चिकित्सा सर्जरी (Pediatric Surgery), मूत्र विज्ञान (Urology), पल्मोनरी मेडिसिन, ई.एन.टी (ENT), एंडोक्रिनोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी, त्वचा विज्ञान (Dermatology), न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन और मेडिकल ऑन्कोलॉजी।

“चिकित्सक ऑनलाइन माध्यम से नियमित रूप से रोगियों की समस्याएं सुन रहे हैं और उन्हें आवश्यक परामर्श दे रहे हैं। संस्थान की टेलीमेडिसिन सेवा पर जनता का भरोसा बढ़ा है। यह केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों के लिए एक ‘लाइफ-लाइन’ है। इससे मरीजों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। हमारा प्रयास इसे और अधिक प्रभावी बनाने का है।” — प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक, एम्स ऋषिकेश

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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