OpenAI discontinues Sora: नई दिल्ली/सैन फ्रांसिस्को, 14 अप्रैल, 2026 : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया से एक बड़ी खबर आ रही है, जिस ‘Sora’ ऐप की चर्चा पूरी दुनिया में थी, उसे बनाने वाली कंपनी OpenAI ने अब इसे बंद करने का फैसला लिया है।
इसे बंद करने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं। Sora से वीडियो बनाना बहुत महंगा पड़ रहा था। इसे चलाने के लिए कंपनी को हर दिन करीब 125 करोड़ रुपये ($15M) खर्च करने पड़ रहे थे। इसकी तुलना में इससे होने वाली कमाई बहुत ही कम थी। कंपनी अब अपना सारा ध्यान और पैसा एक नए और ज्यादा ताकतवर मॉडल पर लगाना चाहती है, जिसका कोडनेम “Spud” (शायद GPT-6) रखा गया है।
OpenAI discontinues Sora:जब Sora लॉन्च हुआ था, तो लोग दंग रह गए थे। आप सिर्फ एक लाइन लिखते थे और यह ऐप वैसा ही असली दिखने वाला वीडियो बना देता था। लोगों को लग रहा था कि अब फिल्में बनाना बहुत आसान हो जाएगा। यहाँ तक कि मशहूर कंपनी Disney के साथ भी इसकी एक बड़ी डील होने वाली थी, जो अब रद्द हो गई है।
अब क्या होगा?
26 अप्रैल 2026 को यह ऐप पूरी तरह बंद हो जाएगा। जो टीम पहले वीडियो बनाने पर काम कर रही थी, वह अब रोबोट बनाने वाली टीम की मदद करेगी। वे Sora की तकनीक का इस्तेमाल करके रोबोट को दुनिया की चीजें समझना सिखाएंगे।
OpenAI discontinues Sora: Sora तकनीक के मामले में तो शानदार था, लेकिन इसे चलाना कंपनी की जेब पर बहुत भारी पड़ रहा था। इसलिए OpenAI ने फिलहाल इसे बंद करके अपने अगले बड़े आविष्कार पर काम शुरू कर दिया है।
Sora की “फिजिक्स प्रॉब्लम” और आर्थिक घाटा: विस्तार से समझें
OpenAI के लिए Sora को चलाना केवल एक सॉफ्टवेयर चलाने जैसा नहीं था, बल्कि यह “डिजिटल दुनिया के भौतिक विज्ञान (Physics)” को रचने जैसा था। इसे बंद करने के पीछे के गणित को इस तरह समझा जा सकता है। जब हम एक फोटो (जैसे ChatGPT या Midjourney से) बनाते हैं, तो AI को सिर्फ एक स्थिर दृश्य सोचना पड़ता है। लेकिन जब Sora एक 10-सेकंड का वीडियो बनाता है, तो उसे हर सेकंड के लिए 24 से 30 अलग-अलग तस्वीरें (Frames) बनानी पड़ती हैं। AI को यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि अगर एक फ्रेम में एक गेंद हवा में है, तो अगले फ्रेम में वह ‘गुरुत्वाकर्षण’ (Gravity) के हिसाब से नीचे ही आए। इसे ही “Physics Problem” कहा गया। इस तालमेल को बैठाने के लिए सुपरकंप्यूटर्स को बहुत ज्यादा दिमाग (Processing Power) लगाना पड़ता था। एक छोटे से 10-सेकंड के वीडियो को तैयार करने में 40 मिनट का समय लग जाता था, जिसमें कई शक्तिशाली प्रोसेसर्स (GPUs) एक साथ काम करते थे।
व्यापार की दृष्टि से देखें तो Sora एक “घाटे का सौदा” साबित हो रहा था। एक वीडियो बनाने की बिजली और हार्डवेयर की लागत OpenAI को लगभग $1.30 (करीब 108 रुपये) पड़ रही थी। अगर लाखों लोग दिन में 5-10 वीडियो भी बनाते, तो कंपनी को हर दिन अरबों रुपयों का नुकसान हो रहा था। इंटरनेट पर लोग मुफ़्त या बहुत सस्ते में चीजें इस्तेमाल करना चाहते हैं। कोई भी यूजर एक छोटे वीडियो के लिए 150-200 रुपये देने को तैयार नहीं था, जिससे कंपनी अपना खर्च भी नहीं निकाल पा रही थी।
जब कोई तकनीक “Unmanageable” हो जाती है, तो इसका मतलब है कि उसे जितना ज्यादा लोग इस्तेमाल करेंगे, कंपनी उतनी ही जल्दी कंगाल हो जाएगी। OpenAI के पास जो सुपरकंप्यूटर्स (GPUs) हैं, वे सीमित हैं। कंपनी ने सोचा कि इन कीमती कंप्यूटर्स का इस्तेमाल Sora (जो सिर्फ वीडियो बनाता है और पैसा डुबाता है) के बजाय “Spud” या GPT-6 बनाने में किया जाए, जो दुनिया बदल सकता है और कंपनी को मुनाफा कमा कर दे सकता है।



