
Uttarakhand Ultrasound Campaign: गर्भवती महिलाओें की अल्ट्रासोनोग्राफी जांच के लिए 15 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान : स्वास्थ्य मंत्री
प्रथम चरण में प्रदेश के छह जनपदों में चलाया जाएगा विशेष अभियान, मिलेगी निःशुल्क परिवहन सुविधा
Uttarakhand Ultrasound Campaign: देहरादून, 15 मार्च 2026ः उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा, राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सभी गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी जांच की जाएगी। प्रथम चरण में प्रदेश के सात जनपदों में अल्ट्रासाउंड कवरेज के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
Uttarakhand Ultrasound Campaign: आगामी 15 अप्रैल तक संचालित इस अभियान के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि कोई भी महिला अल्ट्रासाउंड जांच से वंचित न रह पाए।
चयनित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को माइक्रोप्लान बनाकर अभियान को संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही अभियान की नियमित माॅनिटरिंग करने को भी कहा गया है।
डाॅ. रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समय पर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच कराना गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद आवश्यक है, साथ ही गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने बताया, पहले चरण में यह अभियान अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग जनपद में चलाया जाएगा।
Uttarakhand Ultrasound Campaign: आगामी 15 अप्रैल तक संचालित इस विशेष अभियान में उन सभी गर्भवती महिलाओं को शामिल किया जाएगा, जो 18 सप्ताह या उससे अधिक गर्भकाल में हैं। उन महिलाओं को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वर्तमान गर्भावस्था में अभी तक अल्ट्रासाउंड नहीं कराया है।
इसके अलावा, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं तथा ऐसी महिलाएं जिन्हें चिकित्सकों ने दोबारा यूएसजी कराने की सलाह दी है, उन्हें भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा।
डाॅ. रावत ने अल्ट्रासोनोग्राफी कवरेज को लेकर विभागीय अधिकारियों को माइक्रोप्लान बनाकर पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला व ब्लाॅक स्तर पर सभी यूएसजी केन्द्रों, उपलब्ध रेडियोलाॅजिस्ट व स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम तैयार करने और ड्यूटी रोस्टर बनाकर समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही, उन्होंने पात्र गर्भवती महिला को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की एलएमपी व ईडीडी सत्यापन करने, एएनएम, आशा व स्वास्थ्य कार्मियों के माध्यम से लाभार्थियों को समय पर सूचित कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा, परिवहन सुविधा के अभाव में कोई भी पात्र महिला जांच से वंचित न रहे। उन्होंने 102 व 108 एम्बुलेंस सेवाओं सहित अन्य उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग करने के भी निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिए।












